खाड़ी में युद्ध समाप्त करने को प्राथमिकता दें, होर्मुज स्ट्रेट का फिर से खोलना सुनिश्चित करें : मनीष तिवारी
चंडीगढ़, 28 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शनिवार को खाड़ी में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चल रहे संघर्ष के समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं और इसका असर भारत की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ना शुरू हो गया है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "स्थिति काफी गंभीर है। खाड़ी में युद्ध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है और इसका भारत की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इससे देश की ईंधन आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है और एलपीजी की कतार लंबी होती जा रही हैं।"
उन्होंने नागरिकों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने आ रही कठिनाइयों पर सरकार को विचार करने का कहा, जहां एलपीजी की कमी और भी बदतर हो गई है।
उन्होंने कहा, "एलपीजी सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। सरकार को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आपूर्ति में 45 दिनों तक की देरी हो सकती है। स्थिति को सामान्य बताने के दावों और जमीनी हकीकत में स्पष्ट अंतर है।"
नायरा एनर्जी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी ने एलपीजी और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार आगामी पश्चिम बंगाल चुनावों तक कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास कर सकती है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को वास्तविक स्थिति के बारे में पारदर्शी होना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने कहा, "उठाए जा रहे कदमों का शायद कोई खास असर न हो, क्योंकि ईरान लगातार यही कहता रहा है कि कोई सार्थक मध्यस्थता नहीं चल रही है। हमें खाड़ी में युद्ध समाप्त करने को प्राथमिकता देनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाए। लगभग 3,000 फंसे हुए जहाजों को फिर से आवागमन शुरू करने की जरूरत है।"
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संकट कच्चे तेल और एलएनजी तक ही सीमित नहीं है और उर्वरक आपूर्ति में व्यवधान को एक अन्य प्रमुख चिंता का विषय बताया।
इस बीच, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की अनुमति दे दी है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों के लिए प्रतिबंध अभी भी लागू हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि भारत उन "मित्र" देशों में से एक है जिनके जहाजों को मौजूदा तनाव के बावजूद अवरुद्ध नहीं किया जाएगा।"
--आईएएनएस
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