सिलीगुड़ी में नाबालिग की मौत के मामले में 6 दिन बाद ट्यूटर गिरफ्तार, राजनीतिक घमासान और बढ़ा
कोलकाता, 30 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध हालात में मौत के छह दिन बाद आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में लड़की का प्राइवेट ट्यूटर और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
ये घटना पिछले हफ्ते सिलीगुड़ी के कुलीपाड़ा इलाके की है। लड़की की मौत को शुरुआत में असामान्य बताया गया था, लेकिन जल्द ही शक उसके ट्यूटर पर गया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार था, जिससे इलाके में काफी गुस्सा फैल गया था। स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।
मामला इतना बढ़ गया कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा विधायक शंकर घोष ने तो धरना तक शुरू कर दिया था। वे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। वहीं, सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पुलिस को जांच तेज करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस के मुताबिक, इस केस में पहले एक शख्स को हिरासत में लिया गया। उसी से पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी आमिर अली चेन्नई भाग गया है। इसके बाद सिलीगुड़ी पुलिस की एक टीम तुरंत चेन्नई रवाना हुई और वहां से उसे गिरफ्तार कर वापस ले आई। उसके साथ समीर अली नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि वे इस केस की पूरी जांच करेंगे और कोशिश करेंगे कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
अब जब आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है, तो भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने पुलिस का धन्यवाद किया है। साथ ही उन्होंने आरोपी को फांसी देने की मांग भी की है। उन्होंने शंकर घोष से अपना धरना खत्म करने की अपील भी की।
दूसरी तरफ, शंकर घोष ने कहा कि यह गिरफ्तारी काफी देर से हुई और इसके पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। उनका आरोप है कि आरोपी का किसी खास पार्टी से संबंध होने के कारण उसे पकड़ने में देरी हुई।
इस पर जवाब देते हुए गौतम देव ने बीजेपी पर बेवजह राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस शुरू से ही अपना काम ईमानदारी से कर रही थी और आखिरकार उन्होंने आरोपी को पकड़ ही लिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने खुद पुलिस अधिकारियों से बात की थी और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे, लेकिन उन्होंने कभी इस पर राजनीति नहीं की।
--आईएएनएस
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