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राष्ट्रपति मुर्मू एक दिवसीय जयपुर दौरे के दौरान 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ में हुईं शामिल

जयपुर, 16 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को राजस्थान के एक दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने सीकर रोड स्थित नींदर आवासीय योजना में आयोजित 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ और श्रीराम कथा में भाग लिया।
 
राष्ट्रपति मुर्मू एक दिवसीय जयपुर दौरे के दौरान 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ में हुईं शामिल

जयपुर, 16 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को राजस्थान के एक दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने सीकर रोड स्थित नींदर आवासीय योजना में आयोजित 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ और श्रीराम कथा में भाग लिया।

इस यात्रा में संवैधानिक गरिमा और आध्यात्मिक भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसमें राज्य के वरिष्ठ नेतृत्व और आध्यात्मिक हस्तियों की उपस्थिति रही।

जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर राष्ट्रपति का राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागडे ने गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों के साथ हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत किया।

उपस्थित लोगों में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राज्यसभा सांसद मदन राठौर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

उनके आगमन के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू नींदर हाउसिंग स्कीम गईं, जहां उन्होंने जगद्‌गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित 1008वें कुंडीय हनुमान महायज्ञ के समापन समारोह में भाग लिया।

राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रों और अनुष्ठानों से परिपूर्ण एक आध्यात्मिक वातावरण में पवित्र हवन में अंतिम आहुति (पूर्णाहुति) अर्पित करते हुए राष्ट्र, राजस्थान राज्य और पूरे विश्व की शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की।

इस दौरान राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मौजूद थे।

हवन के बाद, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक यज्ञशाला की परिक्रमा की।

इस कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू ने जगद्‌गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी से मुलाकात की और उनका अभिवादन करते हुए उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शन और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

महायज्ञ और श्रीराम कथा में पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए हैं। राष्ट्रपति की यात्रा ने भारत की आध्यात्मिक विरासत और संवैधानिक मूल्यों के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण को रेखांकित किया।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम