हमें और ज्यादा मेहनत की जरूरत, बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर बोले एनडीए नेता
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत पर राजनीतिक नेताओं की ओर से कई तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं। जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि उपचुनाव के नतीजे बताते हैं कि हमें और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। एनडीए के वरिष्ठ नेताओं को नतीजों की समीक्षा करनी चाहिए।
कौशलेंद्र कुमार ने कहा, "हमें थोड़ी और मेहनत करने की जरूरत है। एनडीए गठबंधन के सभी नेताओं से मेरा अनुरोध है कि इसकी समीक्षा होनी चाहिए। यह सीट पहले से ही पूर्व भाजपा विधायक के पास लगातार रही है। ऐसे में इस उपचुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया है, उसकी समीक्षा होनी चाहिए। आज देश में जो परिस्थितियां हैं, उन पर भी विचार होना चाहिए। हमारे युवा लगातार जूझ रहे हैं, तो उनके लिए भी कुछ करना चाहिए। हम लोग बैठकर समीक्षा करेंगे। हमारे नेता, देश के प्रधान, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में समीक्षा होनी चाहिए कि बांकीपूर जैसी सीट हम क्यों हार गए।"
उन्होंने कहा, "आने वाला कल, यानी लोकसभा चुनाव से पहले इसकी तैयारी होनी चाहिए। सांसदों की हर मंगलवार को गठबंधन की बैठक होती है, लेकिन इस तरह की कोई चर्चा नहीं होती। अगर हमसे लोग पूछेंगे तब मैं कोई जवाब दूंगा। एनडीए गठबंधन में कुछ कार्यकर्ता और सांसद हैं, जो बोलना चाहते हैं तो उन्हें बोलना चाहिए। अगर समय-समय पर समीक्षा होती रहती, तो मेरा मानना है कि इस उपचुनाव में हारने का सवाल ही नहीं था।"
बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस नतीजे को "मास्टरस्ट्रोक" बताया है। रामकृपाल यादव ने किशोर की चुनावी रणनीति की तारीफ की, लेकिन साथ ही उन्हें अपने वादे पूरे करने की सलाह भी दी।
यादव ने कहा, "प्रशांत किशोर जी ने वाकई एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। उन्होंने बहुत शानदार तरीके से बाजी मारी है। उन्होंने बांकीपुर के लोगों में बड़ी उम्मीद जगाई है।"
बिहार के मंत्री ने आगे कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि आप, प्रशांत किशोर जी, जो कहते हैं उसे पूरा करते हैं। हालांकि, आपके बयान बदलते रहे हैं। मैंने खुद सुना था कि आप कह रहे थे कि आप यहां बेंगलुरु जैसा विकास करेंगे। अब आप कह रहे हैं कि आप इसे पूरी तरह बेंगलुरु जैसा नहीं बनाएंगे।"
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि सीट हारने के बाद पार्टी को विस्तृत समीक्षा करनी चाहिए और जमीनी स्तर पर कमियों की पहचान करनी चाहिए।
रजक ने कहा, "अगर लोगों को गुमराह किया गया, तो कहीं न कहीं हमें अपनी कमियां भी माननी होंगी। इन सभी मुद्दों पर गहन समीक्षा की जरूरत है।" उन्होंने आगे कहा, "हालात का अंदाजा लगाने के लिए सिर्फ कोई औपचारिक बैठक या सभा काफी नहीं है। हमें पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर जमीनी स्तर पर विस्तार से समीक्षा करनी होगी। तभी असली तस्वीर सामने आएगी। उन नतीजों के आधार पर, हम अपनी खोई हुई सीट को वापस पाने के लिए फिर से काम शुरू करेंगे।"
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने उपचुनाव के नतीजों को एक बड़े राजनीतिक बदलाव से जोड़ते हुए दावा किया कि भाजपा को चुनावी हार का सामना करना जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, "उपचुनाव के ये नतीजे हैरान करने वाले नहीं हैं। इसकी उम्मीद थी। आने वाले उपचुनावों में भी यही ट्रेंड जारी रहेगा। ये नतीजे साफ संकेत हैं कि भाजपा का दौर खत्म हो रहा है।"
प्रसाद ने आगे दावा किया कि भाजपा का पतन अयोध्या चुनाव के नतीजों के साथ ही शुरू हो गया था और भविष्यवाणी की कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बदलेगी।
उन्होंने कहा, "2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए सरकार बनेगी। तभी राज्य तरक्की की ओर बढ़ेगा।"
बता दें कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की है। यह जन सुराज पार्टी की पहली चुनावी जीत थी, जो अभी अपनी राजनीतिक यात्रा के शुरुआती दौर में है। वोटों की गिनती के 32 राउंड के बाद, किशोर को 64151 वोट मिले और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हराया, जिन्हें 44827 वोट मिले थे। आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14273 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। किशोर ने यह सीट 19324 वोटों के अंतर से जीती।
--आईएएनएस
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