एनसीपी (अजित पवार) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सूची पर राजनीतिक उथल-पुथल, दिग्गजों के नाम गायब
मुंबई, 12 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार गुट) में अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची जारी होने के बाद से राजनीतिक भ्रम फैल गया है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को सौंपे गए इस दस्तावेज ने पूरे महाराष्ट्र में चर्चाओं को तेज कर दिया है। ऐसा लग रहा है कि इसमें पवार परिवार की अगली पीढ़ी के पक्ष में अनुभवी दिग्गजों को दरकिनार कर दिया गया है।
जब 29 अप्रैल की तारीख वाली कार्यकारिणी सूची से प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और दिलीप पाटिल जैसे दिग्गजों के नाम गायब दिखे, तो लोगों में असमंजस और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
नई बनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में, सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष, उनके बड़े बेटे और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और छोटे बेटे जय पवार को राष्ट्रीय सचिव के तौर पर शामिल किया गया है।
सुनील तटकरे पहले राष्ट्रीय महासचिव के पद पर थे, और प्रफुल्ल पटेल एक भरोसेमंद दिग्गज हैं। इनकी गैरमौजूदगी से तुरंत ही पार्टी के अंदर किसी संभावित 'सफाई अभियान' या किसी बड़ी रणनीतिक फेरबदल की अटकलें लगने लगीं।
जैसे ही यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई, सुनेत्रा पवार ने विवाद को शांत करने के लिए तुरंत कदम उठाए।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि ये गलतियां जानबूझकर नहीं की गई थीं। उन्होंने कहा कि मीडिया में अभी जो एनसीपी पदाधिकारियों की सूची चल रही है, उसमें एक तकनीकी गड़बड़ी है। इसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इन 'तकनीकी और लिपिकीय गलतियों' को सुधारने के लिए उसी दिन निर्वाचन आयोग को एक और पत्र भेजा गया था।
इस सफाई के बावजूद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी के उस अंदरूनी इरादे का संकेत हो सकता है, जिसके तहत वह युवा चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है।
हालांकि, ईसीआई को सौंपे गए तीन पन्नों के दस्तावेज में से एक पन्ने पर सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन की जानकारी दी गई थी। यह जानकारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सूची के अलावा है।
प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल किया गया है और उन्हें राज्यसभा में एनसीपी नेता का पद दिया गया है, लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर उनका कोई जिक्र नहीं है।
सुनील तटकरे को लोकसभा में एनसीपी नेता का पद दिया गया है, लेकिन महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष के तौर पर उनका कोई जिक्र नहीं है। अब वह राष्ट्रीय महासचिव नहीं रहे। इस लिस्ट में अनुभवी मंत्री छगन भुजबल और वरिष्ठ विधायक दिलीप वलसे पाटिल भी शामिल हैं, लेकिन उन्हें कोई आधिकारिक पद नहीं दिया गया है।
राज्य परिषद के सदस्य शिवाजीराव गर्जे को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्थ पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते को महासचिव की भूमिका सौंपी गई है, जबकि जय पवार को राष्ट्रीय सचिव, अनुशासन समिति का अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा, पूर्व कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य के तौर पर जगह मिली है। कोकाटे को ऊपरी सदन में ताश खेलने को लेकर हुए विवाद के चलते इस्तीफा देना पड़ा था।
इसके अतिरिक्त, पार्टी के विधायक चेतन तुपे, शेखर निकम, सना मलिक और सरोज अहिरे भी सदस्य हैं। अन्य सदस्यों में पूर्व महासचिव अविनाश आदिक शामिल हैं, जिन्हें पदावनत करके राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है; साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा) धीरज शर्मा और विधायक और अरुणाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष टोको तातुंग भी इस लिस्ट में हैं।
राष्ट्रीय सचिव संजय प्रजापति, राणा रणवीर सिंह, रमन प्रीत सिंह, धनंजय शर्मा और अभिषेक बोके को भी राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।
संयोग से, पूर्व महासचिव और राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बृजमोहन श्रीवास्तव को न तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी में और न ही राष्ट्रीय कार्य समिति में शामिल किया गया है।
असमंजस और उथल-पुथल के बीच, गुवाहाटी में मौजूद सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स पर अपनी ताजा पोस्ट में प्रफुल्ल पटेल का जिक्र 'कार्यकारी अध्यक्ष' के तौर पर किया है।
इसके साथ ही, सुनेत्रा पवार ने कहा, "मैंने पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर, मुझे अधिकारी से बातचीत करने का अवसर मिला और मैंने उनके सफल राजनीतिक और सामाजिक भविष्य के लिए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। इसी दौरान, मैं मंच पर हमारे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिली और उनका पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर, एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद प्रफुल्ल पटेल जी और सांसद पार्थ पवार भी मौजूद थे।"
--आईएएनएस
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