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तृणमूल विधायक कुणाल घोष की बागी खेमे में स्वतंत्रता दिवस पर उपस्थिति से अटकलें तेज हुईं

कोलकाता, 15 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में पार्टी के निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट द्वारा कोलकाता में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेकर राजनीतिक अटकलों को नया मोड़ दे दिया।
 

कोलकाता, 15 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में पार्टी के निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट द्वारा कोलकाता में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेकर राजनीतिक अटकलों को नया मोड़ दे दिया।

हालांकि घोष ने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा पूरी तरह आकस्मिक थी और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था, फिर भी इस पर अटकलें जारी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट से ताल्लुक रखने वाले घोष ने पार्टी प्रमुख के निर्देशानुसार सबसे पहले कोलकाता के टॉपसिया स्थित पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

इसके बाद वे मेट्रोपॉलिटन बाईपास के पास स्थित ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बहुमत गुट के कार्यालय पहुंचे।

बागी कार्यालय में पत्रकार से राजनेता बने घोष ने पहले से फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और फिर स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित की।

बिना किसी पूर्व सूचना के उनके अचानक प्रकट होने से स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल 'विद्रोही लेकिन बहुसंख्यक' गुट के सदस्य आश्चर्यचकित रह गए।

घोष ने प्रतिद्वंद्वी खेमे में अपनी उपस्थिति को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी भागीदारी आकस्मिक थी। दूसरे कार्यक्रम स्थल पर अपनी उपस्थिति स्पष्ट करते हुए घोष ने कहा कि मैं महानगर भवन के पास वाली सड़क से लौट रहा था।

उन्होंने कहा कि मैंने अपनी पार्टी के नाम पर झंडे फहराते देखे और कई जाने-माने लोग मौजूद थे। मैं गाड़ी से उतरा और कार्यक्रम में शामिल हो गया। यह मेरे बेलेघाटा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस का कार्यालय है, इसलिए इसमें अटकलबाजी की कोई बात नहीं है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने घोष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के फैसले का स्वागत किया।

भट्टाचार्य ने कहा कि हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। अगर कोई राहगीर भी आकर हमारे साथ शामिल होना चाहता, तो हम उसका स्वागत करते। कुणाल वहां से गुजर रहे थे। वे आए और पुष्पांजलि अर्पित की। यह कोई असामान्य बात नहीं है।

हालांकि, घोष की दोनों कार्यक्रमों में उपस्थिति ने संकटग्रस्त टीएमसी के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों को और बढ़ा दिया है, क्योंकि प्रतिद्वंद्वी गुट पार्टी संगठन पर अपना दावा पेश करने में लगे हुए हैं।

--आईएएनएस

एमएस/