नीतियां अहम, जेंडर नहीं : केके शैलजा ने केरल में सीएम विजयन के नेतृत्व का किया समर्थन (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
कन्नूर (केरल), 3 मई (आईएएनएस)। केरल की राजनीति में महिला मुख्यमंत्री को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वरिष्ठ सीपीआई(एम) नेता और पेरावूर विधानसभा सीट से एलडीएफ उम्मीदवार केके शैलजा ने इस बहस को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि शासन का आधार लिंग नहीं बल्कि नीतियां होती हैं।
आईएएनएस से बातचीत में शैलजा ने कहा, "नेतृत्व सिर्फ जेंडर पर आधारित नहीं होता। असली मायने नीतियों के हैं। अगर कोई महिला मुख्यमंत्री भी बन जाए, तो सही नीतियों के बिना बदलाव संभव नहीं है।"
उनके इस बयान को उस समय अहम माना जा रहा है, जब राज्य में पहली महिला मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हैं और कुछ लोग उन्हें इस पद का संभावित दावेदार भी बता रहे हैं।
हालांकि, केके शैलजा ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इस समय ऐसी चर्चाओं का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने दोहराया कि एलडीएफ आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में लड़ रहा है और पार्टी उनके अनुभव व कार्यशैली पर भरोसा करती है।
उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी इस समय कॉमरेड पिनराई के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। वे एक अनुभवी नेता हैं और पिछले एक दशक में उन्होंने राज्य का प्रभावी नेतृत्व किया है। पार्टी ने आगे भी उनके नेतृत्व में ही आगे बढ़ने का फैसला किया है।"
केके शैलजा ने धर्मदम सीट से सीएम पिनराई विजयन की जीत को लेकर भी पूरा भरोसा जताया और कहा कि वे आरामदायक अंतर से जीत दर्ज करेंगे।
जब उनसे खुद के मुख्यमंत्री बनने की संभावना पर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ तौर पर किसी भी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से इनकार किया। उन्होंने कहा, "मैंने कभी इस तरह के पद के बारे में नहीं सोचा। पार्टी ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहा है और मैं वही कर रही हूं। अगर मैं जीतती हूं, तो एक विधायक के रूप में काम करूंगी। नेतृत्व और मंत्री पद जैसे फैसले पार्टी सामूहिक रूप से तय करती है, और मैं उसका पालन करूंगी।"
पेरावूर सीट पर चुनाव लड़ रही शैलजा ने कहा कि वहां के मतदाता विकास चाहते हैं और उनका पूरा ध्यान इसी पर है। उन्होंने कहा, "लोग यहां विकास की उम्मीद कर रहे हैं, जैसे अन्य क्षेत्रों में हुआ है। हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं।"
कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अपने काम के लिए सराही जा चुकी शैलजा ने कहा कि लोग उनके काम को याद करते हैं, लेकिन चुनाव में असली मुद्दा विकास और जनकल्याण ही रहता है।
केरल में चुनाव नतीजों का इंतजार जारी है, लेकिन फिलहाल एलडीएफ पूरी तरह सीएम पिनराई विजयन के नेतृत्व में एकजुट नजर आ रहा है, जबकि महिला नेतृत्व को लेकर बहस राजनीतिक गलियारों में जारी है।
--आईएएनएस
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