'राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवाइडर के डिजाइन में खामियां', धार सड़क हादसे की जांच में उजाकर चिंताजनक तथ्य
धार, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई घातक सड़क दुर्घटना की पुलिस जांच में राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानदंडों के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा किया गया है, जिनमें अनिवार्य साइनेज का अभाव, डिवाइडर का अनुचित डिजाइन, परावर्तक सड़क चिह्नों की कमी और असुरक्षित डिवाइडर संरचनाएं शामिल हैं। इन खामियों के साथ-साथ तेज गति को दुर्घटना का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है, जिसमें 16 लोगों की जान चली गई।
इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिक्लिया क्रॉसिंग के पास घटनास्थल का निरीक्षण करने वाले इंदौर ग्रामीण उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि दुर्घटना न केवल अत्यधिक गति के कारण हुई, बल्कि सड़क सुरक्षा मानकों के पालन में गंभीर चूक के कारण भी हुई।
सिंह ने गुरुवार को प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया, तेज गति ही मुख्य कारण प्रतीत होती है। हालांकि, हमारी जांच में पता चला कि घटनास्थल पर कई आवश्यक सुरक्षा उपाय मौजूद नहीं थे।
उन्होंने बताया कि आगे आने वाले मोड़ या चौराहे के बारे में चालकों को सचेत करने के लिए कोई अग्रिम चेतावनी बोर्ड नहीं थे, न ही वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए कोई स्टॉप या चेतावनी संकेत थे।
उन्होंने कहा कि ऐसे राजमार्गों पर उचित संकेत और गति नियंत्रण उपाय अनिवार्य हैं, लेकिन यहां वे मौजूद नहीं हैं।
डीआईजी ने यह भी बताया कि उस स्थान पर बने डिवाइडर वैज्ञानिक रूप से डिजाइन नहीं किए गए थे।
उन्होंने कहा कि डिवाइडर के खुले हिस्से चौड़े और अनियमित हैं, जिससे वाहन बिना उचित दृश्यता या नियंत्रण के अचानक एक-दूसरे को पार कर जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आमने-सामने की टक्कर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
उन्होंने सड़क बुनियादी ढांचे की भौतिक स्थिति में खामियों को भी उजागर किया। “डिवाइडरों का ठीक से रखरखाव नहीं किया जाता है और उनमें परावर्तक संकेतक नहीं लगे हैं। चालकों को मार्गदर्शन देने के लिए स्पष्ट लेन मार्किंग या कैट-आई रिफ्लेक्टर नहीं हैं, खासकर रात में। ये राष्ट्रीय राजमार्गों पर अपेक्षित बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं हैं।
उनके अनुसार, इन सभी कमियों को दस्तावेज में दर्ज कर लिया गया है और आवश्यक कार्रवाई के लिए इन्हें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआईI) को औपचारिक रूप से सूचित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम एनएचएआई को पत्र लिखकर इन मुद्दों को उजागर करेंगे ताकि सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
सिंह ने यह भी पुष्टि की कि एनएचएआई की एक टीम ने घटना के बाद दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों से बातचीत की।
यह हादसा बुधवार रात को हुआ जब करीब 46 मजदूरों को ले जा रही एक पिकअप वैन पलट गई और सामने से आ रही एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) से टकरा गई। इस टक्कर में कई लोग घायल और हताहत हुए।
पुलिस ने बताया कि गुरुवार को तीन और घायलों की इलाज के दौरान मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि कई अन्य अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
डीआईजी ने कहा कि वाहन की स्थिति और संभावित ओवरलोडिंग सहित सभी पहलुओं की जांच के लिए आगे की जांच जारी है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करना बेहद जरूरी है।
--आईएएनएस
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