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केरल: वडकारा की दो महिला शिक्षिकाओं के ड्रग रैकेट मामले की जांच तेज, बड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिस

कोझिकोड, 27 जुलाई (आईएएनएस)। केरल पुलिस ने वडकारा की दो महिला शिक्षिकाओं से जुड़े चर्चित एमडीएमए ड्रग रैकेट मामले की जांच तेज कर दी है। अब जांच का फोकस इस मादक पदार्थ नेटवर्क के बड़े जाल का पता लगाने और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने पर है।
 

कोझिकोड, 27 जुलाई (आईएएनएस)। केरल पुलिस ने वडकारा की दो महिला शिक्षिकाओं से जुड़े चर्चित एमडीएमए ड्रग रैकेट मामले की जांच तेज कर दी है। अब जांच का फोकस इस मादक पदार्थ नेटवर्क के बड़े जाल का पता लगाने और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने पर है।

जांच टीम जल्द ही गिरफ्तार दोनों आरोपियों केसी कीर्तनना (मरुथोनकारा) और काव्या (कूराचुंडु) की पुलिस हिरासत मांगने के लिए अदालत का रुख करेगी।

जांचकर्ताओं की योजना दोनों महिलाओं से एक साथ पूछताछ करने की है। उन्हें उम्मीद है कि संयुक्त पूछताछ से ड्रग सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा, जिसमें सप्लायर, डिलीवरी एजेंट और आर्थिक लाभ उठाने वाले लोगों की पहचान भी शामिल है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में अन्य शिक्षक भी शामिल थे। साथ ही उन लोगों का भी पता लगाया जा रहा है, जिन्होंने आरोपियों के माध्यम से कथित तौर पर ड्रग्स की खरीद-फरोख्त की।

केरल के शिक्षा क्षेत्र को झकझोर देने वाला यह मामला 'ऑपरेशन तूफान' के दौरान सामने आया था। यह नशे के खिलाफ चलाया गया एक विशेष अभियान था, जिसका नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) ने किया था।

जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों शिक्षिकाएं कथित तौर पर एक संगठित एमडीएमए वितरण नेटवर्क में प्रमुख बिचौलियों के रूप में काम कर रही थीं।

जांच में पता चला है कि ग्राहक क्यूआर कोड के जरिए आरोपियों को पैसे भेजते थे। भुगतान मिलने के बाद आरोपी ड्रग्स के छिपाए गए पैकेट का जीपीएस लोकेशन भेज देते थे। इसके बाद नेटवर्क का कोई अन्य सदस्य वहां से मादक पदार्थ ग्राहक तक पहुंचाता था।

पुलिस को यह भी शक है कि कीर्तनना के बैंक खाते में आने वाली बड़ी रकम बाद में काव्या के खाते में ट्रांसफर की जाती थी, ताकि किसी को संदेह न हो।

इस मामले की जांच तब तेज हुई, जब वडकारा पुलिस ने दो सप्ताह पहले सफवान और रिजवान को दो ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया था।

उनके बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर कीर्तनना और काव्या के खातों में बड़ी रकम भेजे जाने का पता चला।

सबसे पहले कीर्तनना को गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के दौरान कथित तौर पर काव्या की भूमिका का खुलासा हुआ।

इस बीच, विभागीय कार्रवाई भी तेज हो गई है। सामान्य शिक्षा विभाग अस्थायी शिक्षिका काव्या को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर सकता है। वहीं, समग्र शिक्षा केरल के तहत पेराम्बरा ब्लॉक रिसोर्स सेंटर में विशेष शारीरिक शिक्षा शिक्षिका के रूप में कार्यरत कीर्तनना को रविवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

जांचकर्ताओं का मानना है कि पुलिस हिरासत में पूछताछ से ड्रग कारोबार को वित्तीय मदद देने वाले लोगों, मादक पदार्थ पहुंचाने वाले एजेंटों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम