मंत्री और विधायक सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए खरीद रहे इलेक्ट्रिक वाहन : आदित्य ठाकरे
मुंबई, 13 मई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण 'ऊर्जा बचत' अपनाने की अपील के बाद कुछ मंत्री और विधायक सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीद रहे हैं।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पूछा, ''जो लोग ऐसा नहीं कर सकते, उनका क्या? क्या बेस्ट बस का टिकट फिर से सस्ता होगा? क्या दूसरे सार्वजनिक परिवहन पर सब्सिडी मिलेगी? क्या मेट्रो टिकट के दाम कम होंगे?''
उन्होंने आगे कहा, ''हमारी 2021 की ईवी नीति में तय किया गया था कि 2022 के बाद सभी मंत्री, सरकारी विभाग और शहरी स्थानीय निकाय अगर नई गाड़ियां खरीदेंगे या किराए पर लेंगे, तो सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही लेंगे। सरकार बदलने के बाद नीति के इस हिस्से को हटा दिया गया। इसके अलावा यह भी जरूरी था कि ईवी के लिए बिजली सस्ती हो और साफ ऊर्जा स्रोत से आए, लेकिन वह भी अब पुरानी बात बन गई है।''
वरिष्ठ एनसीपी (एसपी) नेता और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि मध्यम वर्ग हमेशा अपनी जिम्मेदारी निभाता है, लेकिन सरकार को भी उदाहरण पेश करना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों के बड़े-बड़े काफिलों की आलोचना करते हुए कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ नीति अपनाते हुए उनके निजी और सरकारी काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम की जानी चाहिए।
इससे पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाने की अपील का समर्थन करते हुए ठाणे में एक कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन से पहुंचे। शिंदे ने कहा कि उन्होंने अपने सरकारी काफिले में कटौती करने का आदेश दिया है और सिर्फ जरूरी सुरक्षा वाहनों को ही रखा जाएगा ताकि ईंधन की बचत हो सके। उन्होंने कैबिनेट सहयोगियों से भी ऐसा करने की अपील की।
मीडिया से बात करते हुए शिंदे ने लोगों से पेट्रोल और डीजल का कम इस्तेमाल करने की अपील की, ताकि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील ‘नेशन फर्स्ट’ सोच पर आधारित है। भारत सीधे युद्ध में नहीं है, लेकिन वैश्विक संघर्ष का असर कच्चे तेल के आयात और डॉलर खर्च पर पड़ता है।
शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार अंतरराष्ट्रीय संकट के आर्थिक असर को कम करने के लिए केंद्र सरकार की योजना के साथ पूरी तरह खड़ी है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि ईंधन बचत अभियान को राजनीति का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। राजनीति के लिए कई मौके होते हैं, लेकिन राष्ट्रीय संकट के समय एकजुटता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जनता सब समझती है और प्रधानमंत्री की योजनाओं को बदनाम करने की कोशिशों को देश की 140 करोड़ जनता पहले भी नकार चुकी है। शिंदे ने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी लोगों ने प्रधानमंत्री की अपील का पालन किया था।
उन्होंने लोगों से अब भी उसी तरह सहयोग करने की अपील की ताकि वैश्विक हालात का असर आम नागरिकों पर कम से कम पड़े। उन्होंने सभी महाराष्ट्रवासियों से अपने सफर की बेहतर योजना बनाने और ईंधन बचाने को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रहित सबसे ऊपर है।
--आईएएनएस
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