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पीएमके ने तमिलनाडु सरकार से नए सिपकॉट और एनएलसी के लिए जमीन अधिग्रहण को रद्द करने की मांग की

चेन्नई, 20 सितंबर (आईएएनएस)। पट्टाली मक्कल कच्ची पार्टी (पीएमके) के नेता अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से कुड्डालोर जिले में नए सिपकॉट इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और एनएलसी खदानों के विस्तार के लिए और जमीन लेने की योजना छोड़ने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इन प्रस्तावों पर आगे बढ़ा गया, तो बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा।
 

चेन्नई, 20 सितंबर (आईएएनएस)। पट्टाली मक्कल कच्ची पार्टी (पीएमके) के नेता अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से कुड्डालोर जिले में नए सिपकॉट इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और एनएलसी खदानों के विस्तार के लिए और जमीन लेने की योजना छोड़ने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इन प्रस्तावों पर आगे बढ़ा गया, तो बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा।

एक बयान में अंबुमणि रामदास ने कहा कि सरकार ने प्रस्तावित सिपकॉट कॉम्प्लेक्स के लिए पहले से नोटिफएई की गई 1,097 एकड़ जमीन के अलावा, थियागावली और कयालपट्टू गांवों में 164.20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए एक नया नोटिफफकेशन जारी किया है, जबकि इलाके के लोग पहले के अधिग्रहण आदेश का लगातार विरोध कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जमीन का एक बड़ा हिस्सा पहले दो बड़ी प्राइवेट कंपनियों ने किसानों से कम कीमत पर खरीदा था और स्थानीय लोग इसे वापस करने की मांग कर रहे थे। सरकार का अब इसे अधिग्रहित करने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।

अंबुमणि के अनुसार, नया इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स 1,283 एकड़ में फैला होगा। कुड्डालोर में मौजूदा 2,625 एकड़ के सिपकॉट एस्टेट के साथ इसे जोड़ने पर जिले में कुल 3,908 एकड़ में इंडस्ट्रियल एस्टेट होंगे। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण विकास नहीं होगा, बल्कि इससे जिले को और ज्यादा पर्यावरणीय नुकसान होगा।

उन्होंने एनएलसी की माइन-1 के विस्तार के लिए रिहायशी प्लॉट के प्रस्तावित अधिग्रहण का भी विरोध किया।

सरकार ने गंगईकोंडन गांव में 12.60 एकड़ में फैले 68 प्लॉट और वनथिरायपुरम में 3.21 एकड़ में फैले 77 प्लॉट का अधिग्रहण करने की योजना की घोषणा की थी। पीएमके प्रमुख ने दावा किया कि अगर अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो 100 से अधिक परिवार बेघर हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सिपकॉट कॉम्प्लेक्स में केमिकल इंडस्ट्रीज से निकलने वाले बिना ट्रीट किए गए कचरे ने पहले ही कुड्डालोर की मिट्टी, भूजल और हवा को प्रदूषित कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस इलाके में कैंसर पैदा करने वाले डाइऑक्सिन जैसे खतरनाक पदार्थ पाए गए हैं और एनएलसी की माइनिंग गतिविधियों से पूरे जिले के लोग प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित कृषि भूमि उपजाऊ है और इससे सालाना 10 लाख रुपये तक की आय हो सकती है। हालांकि, कुछ इलाकों में गाइडलाइन वैल्यू सिर्फ 3.31 लाख रुपये प्रति एकड़ तय की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला बढ़ा हुआ मुआवजा भी मौजूदा बाजार भाव से बहुत कम होगा।

अंबुमणि ने सिपकॉट और एनएलसी प्रोजेक्ट्स के लिए 1,277 एकड़ जमीन के अधिग्रहण से जुड़े नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो पीएमके प्रभावित निवासियों को एकजुट करेगी और एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।

--आईएएनएस

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