इजरायल में पीएम मोदी का दौरा त्योहार की तरह मनाया गया: इजरायल में भारत के राजदूत (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
यरूशलम, 28 फरवरी (आईएएनएस)। इजरायल में भारत के राजदूत जे.पी. सिंह ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय इजरायल दौरे को हर मायने में 'ऐतिहासिक' बताया और कहा कि इजरायल के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और इस मौके को त्योहार की तरह मनाया।
आईएएनएस से खास बातचीत में राजदूत जे.पी. सिंह ने ने कहा कि यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों में एक अहम पड़ाव था, जिसमें दोनों देशों ने अपने रिश्तों को बेहतर बनाया और खास सेक्टर्स में 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिन का दौरा हर तरह से ऐतिहासिक था। जिस तरह से इजरायल के लोगों ने उनका गर्मजोशी और जोश के साथ स्वागत किया, उससे दोनों देशों के बीच गहरे सम्मान और दोस्ती का पता चलता है। इस दौरे को एक त्योहार की तरह मनाया गया।”
उन्होंने कहा, “इजरायली पार्लियामेंट में पीएम मोदी के भाषण की बहुत तारीफ हुई। यह भारत और इजरायल के बीच साझा मूल्यों और बढ़ती साझेदारी को दिखाता है। इजरायली पार्लियामेंट द्वारा उन्हें दिया गया सम्मान हमारे द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को दिखाता है।”
इस दौरे से द्विपक्षीय संबंधों में काफी सुधार हुआ। इजरायल में राजदूत जे.पी. सिंह ने कहा, “इस दौरे के दौरान हमारा संबंध रणनीतिक साझेदारी से बढ़कर स्पेशल स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप बन गया है। यह एक बड़ा डेवलपमेंट है और दोनों देशों के बीच भरोसे और कॉन्फिडेंस को दिखाता है। हमने कोऑपरेशन के अलग-अलग एरिया में 16 एग्रीमेंट साइन किए हैं।”
साइंस और टेक्नोलॉजी खास फोकस एरिया में से एक बनकर उभरे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया गया।
उन्होंने कहा, “सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें से एक शिक्षा में एआई पर फोकस करने वाला था। यह प्रधानमंत्री के इस विजन से मेल खाता है कि आम लोगों को टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट का फायदा मिले।”
साइबर सिक्योरिटी को कोऑपरेशन के एक अहम एरिया के तौर पर हाईलाइट करते हुए जे.पी. सिंह ने कहा, “साइबर सिक्योरिटी ग्लोबल चिंता का विषय है। हम इस डोमेन में उभरते खतरों से असरदार तरीके से निपटने के लिए दोनों देशों की ताकतों को मिलाने के लिए काम कर रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि इजरायल की मुख्य ताकत नवाचार, शोध और विकास, एआई और साइबर सुरक्षा में है। भारत के पास भी इन क्षेत्रों में मजबूत क्षमताएं हैं। हमारा आइडिया एक ऐसा फ्रेमवर्क बनाना है जो दोनों देशों की ताकत को मिलाए ताकि दोनों देशों को फायदा हो।”
कृषि सहयोग का एक और जरूरी क्षेत्र था। सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को बढ़ाने से खेती की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और छोटे किसानों को सपोर्ट करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “भारत और इजरायल की खेती की ताकत को मिलाकर हम प्रोडक्टिविटी सुधार सकते हैं और किसानों की इनकम बढ़ा सकते हैं, खासकर छोटे और मार्जिनल किसानों को फायदा होगा।” इस दौरे के दौरान ट्रेड और इकोनॉमिक सहयोग पर भी डिटेल में चर्चा हुई।
उन्होंने कहा, “हाल ही में, हमने एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और दोनों प्रधानमंत्रियों ने निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया जाना चाहिए। हमने यूपीआई पर भी एक एग्रीमेंट साइन किया है, जिससे फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन आसान होंगे और दोनों देशों को फायदा होगा।”
रक्षा सहयोग पर सिंह ने कहा कि दोनों देश पहले से ही मिलकर काम कर रहे हैं और इस सेक्टर में सहयोग को और बढ़ाएंगे। इस दौरे के दौरान साइन किए गए नए एग्रीमेंट्स से कल्चरल सहयोग भी मजबूत हुआ।
पीएम मोदी के भाषण को “विजनरी” बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें दोनों देशों के बीच कॉमन बातों पर जोर दिया गया और भविष्य की ग्रोथ के लिए एक रोडमैप बताया गया।
सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री का भाषण वायरल हो गया और दोनों देशों के लोगों ने इसकी बहुत तारीफ की। इजरायली संसद से उन्हें जो पहचान मिली, वह बहुत बड़ी है और भारत-इजरायल संबंधों को और मजबूत करने की उनकी कोशिशों को दिखाती है।”
--आईएएनएस
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