बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा कर रही पीएम मोदी की सरकार: किरेन रिजिजू
देहरादून, 11 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से काम कर रही है, ताकि धर्म या समुदाय के आधार पर बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में देहरादून के परेड ग्राउंड में पांच दिवसीय छठे लोक संवर्धन पर्व का उद्घाटन करते हुए रिजिजू ने कहा, "यह महोत्सव कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए अपनी प्रतिभा, पारंपरिक शिल्प कौशल और उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरा है।"
पांच दिवसीय इस उत्सव में 150 से अधिक हस्तशिल्प और खाद्य स्टॉल, लाइव शिल्प प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं, जो पीएम विकास योजना के तहत उत्तराखंड सरकार के साथ साझेदारी में आयोजित पहले लोक संवर्धन पर्व का प्रतीक है।
रिजिजू ने कहा, "हमें देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरत राजधानी में इस संस्करण को लाने में बेहद खुशी हो रही है, जहां देश भर के कारीगर न केवल अपनी कृतियों का प्रदर्शन कर सकते हैं, बल्कि राज्य की गर्मजोशी और आतिथ्य का अनुभव भी कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को धर्म के चश्मे से नहीं देखती, बल्कि हर नागरिक के साथ समान व्यवहार करती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल अल्पसंख्यकों का त्योहार नहीं है, बल्कि सभी भारतीयों का उत्सव है, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए समर्पित है।
प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' विजन पर प्रकाश डालते हुए रिजिजू ने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और खरीदने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पूरे देश से भारत में निर्मित हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक शिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई है और उन्होंने आगंतुकों से स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को खरीदकर उनका समर्थन करने का आग्रह किया।
रिजिजू ने कहा कि इस तरह की पहल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाते हुए पारंपरिक आजीविका को मजबूत करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के बाद वह मुख्यमंत्री धामी से परामर्श करके उत्तराखंड के आंतरिक क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
इस महोत्सव का आयोजन भारत सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड सरकार के उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के सहयोग से किया जा रहा है।
रिजिजू ने कहा कि मंत्रालय शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और बाजार तक पहुंच के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों के प्रति नए सिरे से गौरव की भावना पैदा की है।
रिजिजू ने कहा, "एक समय था जब आयातित वस्तुओं को प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता था। आज लोग गर्व से 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को चुनते और बढ़ावा देते हैं। लोक संवर्धन पर्व इसी बदलती सोच का प्रतिबिंब है, जो हमारी समृद्ध विरासत का जश्न मनाते हुए देश भर के कारीगरों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करता है।"
--आईएएनएस
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