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पीएम मोदी की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' पूर्वोत्तर के विकास के लिए एक मजबूत उत्प्रेरक : सीएम लालदुहोमा

शिलांग/आइजोल, 4 जून (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक मजबूत और भविष्य की ओर देखने वाला ढांचा प्रदान करती है। इस क्षेत्र में भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बनने की अपार क्षमता है।
 
पीएम मोदी की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' पूर्वोत्तर के विकास के लिए एक मजबूत उत्प्रेरक : सीएम लालदुहोमा

शिलांग/आइजोल, 4 जून (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक मजबूत और भविष्य की ओर देखने वाला ढांचा प्रदान करती है। इस क्षेत्र में भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बनने की अपार क्षमता है।

शिलांग में नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (एनईसी) के 73वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र भारत के भविष्य के विकास का एक प्रमुख आधार बनने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थिति में है, क्योंकि यह समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, मजबूत मानव संसाधन और अनोखी सांस्कृतिक विरासत से संपन्न है।

एनईसी का पूर्ण सत्र गुरुवार को शिलांग स्थित मेघालय राज्य कन्वेंशन सेंटर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। वह 55 साल पुराने इस क्षेत्रीय नियोजन निकाय के अध्यक्ष भी हैं।

बैठक के दौरान, लालदुहोमा ने औपचारिक रूप से गृह मंत्री को पूर्वोत्तर आर्थिक गलियारे (एनईईसी) पर गठित उच्च स्तरीय कार्यबल की अंतिम रिपोर्ट सौंपी। इस कार्यबल का गठन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत किया गया था।

मिजोरम के मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कनेक्टिविटी को एक व्यापक ‘वन-ग्रिड अप्रोच’ के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, जिसमें सड़कों, रेल, हवाई संपर्क, जलमार्ग, बिजली, दूरसंचार और लॉजिस्टिक्स को एक साथ जोड़कर एक समन्वित विकास ढांचा बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि म्यांमार में कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के पूरा होने के करीब पहुंचने के साथ ही, इस क्षेत्र को उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए संस्थागत और सामाजिक रूप से तैयार होना चाहिए।

लालदुहोमा ने संबंधित मंत्रालय से निवेश की तैयारी और व्यापार से जुड़े कार्यक्रमों, कौशल विकास, उद्यमिता को बढ़ावा देने, सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स हब और समुदाय में विश्वास बढ़ाने वाली पहलों को समर्थन देने का आग्रह किया।

निवेश को अलग-अलग परियोजनाओं के बजाय समूह आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बांस, कृषि और बागवानी मूल्य श्रृंखला, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इको-टूरिज्म, हरित ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में समावेशी विकास की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन का विकास एक साझा ‘पूर्वोत्तर पर्यटन सर्किट’ के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिसमें एकीकृत ब्रांडिंग और सुविधाओं की व्यवस्था शामिल हो।

उन्होंने कहा, “एक्ट ईस्ट पॉलिसी और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और व्यापार मार्ग के रूप में उभर सकता है। पूर्वोत्तर के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत सकल बजटीय सहायता (जीबीएस) को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए और बेहतर तालमेल व निगरानी सुनिश्चित करने के लिए डोनर या एनईसी के तहत एक समर्पित समन्वय तंत्र बनाने का प्रस्ताव दिया।”

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के युवा इसके सबसे मूल्यवान संसाधन हैं, इसलिए कौशल विकास, इनक्यूबेशन, पर्यटन और आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स, कृषि-व्यवसाय, हरित प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए।

लालदुहोमा ने सुझाव दिया कि परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी लाने के लिए हर राज्य में परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) स्थापित की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने मिजोरम को “भारत की अदरक राजधानी” के रूप में मान्यता दिए जाने तथा ‘मिजोरम अदरक यूएसपी परियोजना’ को दिए गए सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।

उन्होंने प्रस्तावित ‘थेनजॉल पीस सिटी’ को सफलतापूर्वक लागू करने के महत्व पर जोर दिया, जिसमें पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खेल और कृषि आधारित विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है।

पूर्वोत्तर आर्थिक गलियारे पर उच्च स्तरीय कार्यबल की रिपोर्ट सौंपे जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके कार्यान्वयन से पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंतर-राज्यीय संपर्क, पर्यटन, निवेश, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए एक एकीकृत ढांचा उपलब्ध होगा, जिससे इस क्षेत्र के सभी राज्यों के लिए साझा समृद्धि सुनिश्चित होगी।

--आईएएनएस

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