पीएम मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने ऊर्जा साझेदारी बनाने पर की चर्चा : विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने गुरुवार को ऊर्जा साझेदारी बनाने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यवसाय और ऊर्जा संबंधित अहम बातचीत की।
रोड्रिगेज के दौरे को लेकर एक खास ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व), रुद्रेंद्र टंडन ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत बहुत अहम और बिजनेस जैसी थी। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला कई सालों से भारत को ऊर्जा के लिए एक स्थिर मांगकर्ता के तौर पर देखता है।
सचिव टंडन ने कहा, "वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज 3 से 6 जून तक भारत के वर्किंग विजिट पर हैं। उनके साथ एक बहुत बड़ा मंत्रिस्तरीय डेलिगेशन भी है, जिसमें विदेश मामलों, संचार और सूचना, इकॉनमी और फाइनेंस, विज्ञान और तकनीक के साथ ही परवहन मंत्री शामिल हैं। आज सुबह, वह आधिकारिक बातचीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं। दोनों के बीच यह बातचीत लंच पर हुई। इससे पहले, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की और बाद में, पेट्रोलियम मंत्री उनसे मुलाकात करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल रिजर्व में से एक है। भारतीय अर्थव्यवस्था तेल की एक बड़ी और बढ़ती हुई कंज्यूमर है और आने वाले कई सालों तक इसकी डिमांड में स्टेबल ग्रोथ रहेगी। इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में हम एक परफेक्ट कॉम्प्लिमेंट्री देखते हैं। असल में, हमारी स्पॉट परचेज में, वेनेजुएला इस महीने पहले ही तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है, इसलिए जाहिर है, आज की चर्चा ऊर्जा साझेदारी बनाने पर फोकस थी। बातचीत की डिटेल में न जाते हुए भी, दोनों नेताओं की बातचीत से यह बात सामने आई कि वेनेजुएला का ऊर्जा क्षेत्र एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। वे भारत को आने वाले कई सालों तक एक स्टेबल डिमांडर के तौर पर देखते हैं और इसलिए भारत और वेनेजुएला के लिए ऊर्जा क्षेत्र में, अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों में, एक साथ काम करने के लिए एक परफेक्ट कॉम्प्लिमेंट्री मौजूद है।"
इससे पहले दिन में, पीएम मोदी और रोड्रिगेज ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मीटिंग की। इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे।
टंडन ने कहा कि मीटिंग के दौरान, वेनेजुएला की तरफ से माना गया कि भारत अच्छे और बुरे समय में उनके साथ खड़ा रहा है। वेनेजुएला भविष्य में भारत को एक पसंदीदा साझेदार के तौर पर देखता है।
सचिव (पूर्व) टंडन ने कहा, "बातचीत में दूसरे क्षेत्र में भी आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने पर बात हुई। वेनेजुएला एक बहुत बड़ा देश है जो रिसोर्स से भरपूर है, यहां टैलेंटेड, मेहनती लोग हैं जो अब लगातार ग्रोथ के रास्ते पर आगे बढ़ने के संकेत दे रहे हैं। इसलिए, सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि माइनिंग, एनिमल हस्बैंड्री, ट्रांसपोर्टेशन, कृषि उपकरण, ऑटोमोटिव सेक्टर और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्र में भी बहुत सारे मौके हैं। इन पर भी बात हुई, और पूरा आइडिया यह था कि ऐसे तरीके खोजे जाएं, जिनसे इंडियन कमर्शियल एंटिटीज वेनेजुएला के मार्केट में सक्सेसफुली एंटर कर सकें और इन सेक्टर में एक नई पार्टनरशिप बन सके।"
उन्होंने आगे कहा, "कुल मिलाकर, मैं कहूंगा कि बातचीत बहुत बिजनेस जैसी और बहुत जरूरी थी। दोनों डेलिगेशन के बीच सच्ची गर्मजोशी थी और वेनेजुएला की तरफ से माना गया कि भारत अच्छे और बुरे दोनों समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा रहा है। यह एक लंबा संबंध है और भविष्य में हम उनके लिए एक पसंदीदा साझेदार हैं।"
रोड्रिगेज बुधवार को पांच दिन के भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। उनका मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा करना है। यह रोड्रिगेज का छठा भारत दौरा है। इससे पहले वह 2015 में वेनेजुएला की विदेश मंत्री के तौर पर और 2019, 2023, 2024 और 2025 में उपराष्ट्रपति के तौर पर भारत आ चुकी हैं।
--आईएएनएस
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