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पीएलआई योजनाओं से आया 2.4 लाख करोड़ रुपए का निवेश, 14 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए: केंद्र

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजनाओं के तहत 31 मार्च, 2026 तक 14 प्रमुख क्षेत्रों में 2.40 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है। इन योजनाओं से 14.15 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, 15.2 लाख करोड़ रुपए मूल्य का निर्यात संभव हुआ है। यह जानकारी सरकार की ओर से संसद में दी गई।
 

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजनाओं के तहत 31 मार्च, 2026 तक 14 प्रमुख क्षेत्रों में 2.40 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है। इन योजनाओं से 14.15 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, 15.2 लाख करोड़ रुपए मूल्य का निर्यात संभव हुआ है। यह जानकारी सरकार की ओर से संसद में दी गई।

लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि पीएलआई योजनाएं 1.91 लाख करोड़ रुपए के स्वीकृत वित्तीय परिव्यय के साथ शुरू की गई थीं।

उन्होंने कहा कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) इन योजनाओं के समन्वय और निगरानी के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है, जबकि इनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित मंत्रालयों के पास है।

सरकार के अनुसार, पीएलआई कार्यक्रम के तहत निर्यात में पिछले तीन वर्षों के दौरान तेज वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में 4 लाख करोड़ रुपए का निर्यात बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5 लाख करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2025-26 में 15.2 लाख करोड़ रुपए हो गया। यह ग्लोबल वैल्यू चेन्स में भारत की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

योजना के तहत शामिल 14 क्षेत्रों में उच्च दक्षता वाले सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल क्षेत्र ने सबसे अधिक 64,873 करोड़ रुपए का संचयी निवेश आकर्षित किया। इसके बाद फार्मास्यूटिकल्स में 45,158 करोड़ रुपए और ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र में 44,326 करोड़ रुपए का निवेश हुआ।

स्पेशियलिटी स्टील क्षेत्र में 23,896 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ, जबकि बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में 20,580 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित हुआ।

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर योजना के प्रभाव का भी जिक्र करते हुए कहा कि पीएलआई कार्यक्रम शुरू होने के बाद से मोबाइल फोन उत्पादन लगभग 2.4 गुना बढ़ गया है।

वर्तमान में भारत में बिकने वाले करीब 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन देश में ही निर्मित हो रहे हैं, जबकि मोबाइल फोन के आयात में लगभग 77 प्रतिशत की कमी आई है।

सरकार ने बताया कि पीएलआई योजनाओं के क्रियान्वयन की समय-समय पर समीक्षा कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाले एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज (ईजीओएस) एवं संबंधित मंत्रालयों द्वारा की जाती है।

--आईएएनएस

एबीएस