पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कालाइकुंडा एयरबेस पर सिविल एन्क्लेव योजना फिर हुई सक्रिय
कोलकाता, 8 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिले स्थित वायु सेना स्टेशन कलाईकुंडा में सिविल एन्क्लेव (नागरिक हवाई अड्डा सुविधा) स्थापित करने की योजना को फिर से गति मिलने की संभावना बढ़ गई है।
पिछले एक दशक से अधिक समय से नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण इस परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, भूमि अधिग्रहण और आवश्यक बुनियादी ढांचे, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग से सड़क संपर्क विकसित करने के मामले में राज्य सरकार की ओर से अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई थी।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायु सेना भी इस एयरबेस के बुनियादी ढांचे को नागरिक उड़ानों के साथ साझा करने के पक्ष में रही है, क्योंकि इससे संचालन और रखरखाव की लागत साझा करने में मदद मिलती है।
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एक समय भारतीय वायुसेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कालाइकुंडा में नागरिक हवाई सेवा शुरू होना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह औद्योगिक शहर खड़गपुर से मात्र लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। खड़गपुर ओडिशा सीमा के भी करीब है और पड़ोसी राज्य के कई प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों तक आसान पहुंच प्रदान करता है।
अधिकारियों का मानना है कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत संचालित होने वाला सिविल एन्क्लेव बड़ी संख्या में यात्रियों को आकर्षित कर सकता है और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगा।
करीब एक वर्ष पहले भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने संसद में इस मुद्दे को उठाया था। उस समय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने बताया था कि राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति-2016 के तहत हवाई अड्डा परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा था कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कालाइकुंडा एयर फोर्स स्टेशन में नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से 38.25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी बताया था कि एएआई इस विषय पर राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।
नायडू ने स्पष्ट किया था कि आवश्यक भूमि उपलब्ध होने और सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद परियोजना पर काम शुरू किया जा सकता है।
इसी तरह उत्तर बंगाल में वायु सेना स्टेशन हासीमारा में भी एक सिविल एन्क्लेव विकसित करने का प्रस्ताव है। यह एयरबेस भूटान की सीमा के निकट स्थित है।
अधिकारियों का मानना है कि हासीमारा में सिविल एन्क्लेव बनने से भूटान पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही आसपास के वन क्षेत्रों और चाय बागानों वाले इलाकों में भी पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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