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पीयूष गोयल और सोनोवाल ने विदेशी व्यापार को सुगम बनाने को लेकर की बैठक

नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार देश के व्यापार तंत्र को अधिक सुगम, तेज, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि निर्यातकों, आयातकों और पोर्ट अधिकारियों की समस्याओं को सीधे समझने और समाधान निकालने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
 
पीयूष गोयल और सोनोवाल ने विदेशी व्यापार को सुगम बनाने को लेकर की बैठक

नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार देश के व्यापार तंत्र को अधिक सुगम, तेज, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि निर्यातकों, आयातकों और पोर्ट अधिकारियों की समस्याओं को सीधे समझने और समाधान निकालने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने सहयोगी और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ मिलकर इस बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में भारत के निर्यातकों, आयातकों और पोर्ट अधिकारियों के साथ सीधे संवाद किया गया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार समयबद्ध और समन्वित कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि व्यापार से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान किया जा सके और भारतीय कारोबारियों के लिए नए अवसर तैयार हों। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारतीय व्यापारियों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

गोयल ने आगे कहा कि केंद्र सरकार 'संपूर्ण सरकारी (डब्ल्यूओजी) दृष्टिकोण' के तहत काम कर रही है, जिसमें विभिन्न मंत्रालय और विभाग मिलकर व्यापार और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सुधारों को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिसका उद्देश्य उद्योगों और व्यापार जगत को बेहतर सुविधाएं देना और भारत को वैश्विक व्यापार का मजबूत केंद्र बनाना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार एक ऐसा व्यापारिक इकोसिस्टम तैयार कर रही है जो तेज, प्रभावी, जवाबदेह और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। इससे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को और मजबूती मिलेगी, और भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी।

--आईएएनएस

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