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पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर केंद्र सरकार ने लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया : पिनाराई विजयन

तिरुवनंतपुरम, 15 मई (आईएएनएस)। पिनाराई विजयन ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ईंधन की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी को आम लोगों के साथ 'क्रूर विश्वासघात' करार देते हुए तुरंत इसे वापस लेने की मांग की।
 
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर केंद्र सरकार ने लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया : पिनाराई विजयन

तिरुवनंतपुरम, 15 मई (आईएएनएस)। पिनाराई विजयन ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ईंधन की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी को आम लोगों के साथ 'क्रूर विश्वासघात' करार देते हुए तुरंत इसे वापस लेने की मांग की।

पिनराई विजयन ने कहा कि महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच आम परिवार पहले से ही भारी आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। ऐसे समय में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर केंद्र सरकार ने लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर परिवहन, रोजमर्रा की वस्तुओं और जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ेगा। इससे मजदूरों, किसानों और मध्यम वर्गीय परिवारों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।

पूर्व केरल मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम हुई थीं, तब केंद्र सरकार ने उसका फायदा आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया। लेकिन अब तेल कंपनियों के नुकसान का हवाला देकर लोगों पर महंगाई का नया बोझ डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियां आम जनता के बजाय कॉरपोरेट हितों की रक्षा करने वाली दिखाई देती हैं। पिनाराई विजयन ने रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों और एलपीजी की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों ने पहले ही करोड़ों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल बना दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से जूझ रहे लोगों को राहत देने की बजाय सरकार लगातार कीमतें बढ़ाकर उनकी परेशानी और बढ़ा रही है। विजयन ने चेतावनी दी कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी देशभर में घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डालेगी।

पनाराई विजयन ने कहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों में सरकारों का काम जनता को राहत देना होता है, न कि उनकी मुश्किलें बढ़ाना। उन्होंने केंद्र सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस