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फोनपे पेमेंट गेटवे ने वीजा और मास्टरकार्ड ट्रांजैक्शन के लिए ‘बोल्ट’ लॉन्च किया

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस) फोनपे पेमेंट गेटवे (फोनपे पीजी) ने शनिवार को वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए ‘फोनपे पीजी बोल्ट’ लॉन्च करने की घोषणा की।
 
फोनपे पेमेंट गेटवे ने वीजा और मास्टरकार्ड ट्रांजैक्शन के लिए ‘बोल्ट’ लॉन्च किया

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस) फोनपे पेमेंट गेटवे (फोनपे पीजी) ने शनिवार को वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए ‘फोनपे पीजी बोल्ट’ लॉन्च करने की घोषणा की।

यह सॉल्यूशन डिवाइस टोकनाइजेशन का इस्तेमाल करके फोनपे प्लेटफॉर्म यूजर्स और मर्चेंट पार्टनर्स के लिए एक सुरक्षित और कुशल इन-ऐप चेकआउट अनुभव प्रदान करता है।

यह फीचर यूजर्स को फोनपे ऐप पर अपने मास्टरकार्ड और वीजा कार्ड को एक बार टोकनाइज करने की सुविधा देता है, जिससे वे हर मर्चेंट के साथ अपने कार्ड को अलग से टोकनाइज करने के बजाय फोनपे पीजी के साथ इंटीग्रेटेड किसी भी मर्चेंट पर अपने सेव किए गए कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

संवेदनशील कार्ड डिटेल्स को सुरक्षित टोकन से बदलकर, यह सिस्टम उसी डिवाइस पर किए गए बाद के ट्रांजैक्शन के दौरान सीवीवी एंट्री की जरूरत को खत्म कर देता है। यह आर्किटेक्चर पेमेंट प्रोसेस में स्टेप्स की संख्या को कम करता है, पूरे प्रोसेस के दौरान यूजर को मर्चेंट के ऐप एनवायरनमेंट में बनाए रखता है और बाहरी पेजों पर पारंपरिक रीडायरेक्ट को खत्म करता है।

फोनपे लिमिटेड में मर्चेंट बिजनेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर युवराज सिंह शेखावत ने कहा, “वीजा और मास्टरकार्ड के लिए फोनपे पीजी बोल्ट फीचर का लॉन्च लाखों भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिवाइस टोकनाइजेशन का लाभ उठाकर, हम यूजर्स और मर्चेंट को पारंपरिक, बोझिल चेकआउट प्रोसेस से हटकर एक सुरक्षित, वन-क्लिक पेमेंट अनुभव की ओर ले जाएंगे।”

शेखावत ने आगे कहा, “यह न केवल यूजर की सुविधा को बढ़ाता है बल्कि हमारे मर्चेंट पार्टनर्स को इंडस्ट्री में सबसे अच्छी सफलता दर और कम ड्रॉप-ऑफ के माध्यम से अपनी ग्रोथ को अधिकतम करने का अधिकार भी देता है।”

फोनपे के नेटिव एसडीके का इस्तेमाल करके, मर्चेंट उच्च ट्रांजैक्शन सफलता दर और काफी तेज चेकआउट स्पीड प्राप्त कर सकते हैं। यह दक्षता मैनुअल कार्ड एंट्री को खत्म करने और पेमेंट संस्थाओं के बीच तकनीकी हैंड-ऑफ को कम करने से मिलती है।

इसके अलावा, यह सॉल्यूशन मर्चेंट को एक कस्टमाइजेबल इंटरफेस प्रदान करता है जो सीधे उनके मौजूदा ऐप फ्लो में इंटीग्रेट हो जाता है, जिससे ब्रांड की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलती है और ट्रांजैक्शन ड्रॉप-ऑफ कम होते हैं।

--आईएएनएस

एबीएस/