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आंध्र प्रदेश: पवन कल्याण ने वन विभाग को बाघों की गतिविधियों पर सतर्क रहने का निर्देश दिया

अमरावती, 29 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शुक्रवार को वन विभाग को पोलावरम जिले की सीमा से लगे वन क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।
 
आंध्र प्रदेश: पवन कल्याण ने वन विभाग को बाघों की गतिविधियों पर सतर्क रहने का निर्देश दिया

अमरावती, 29 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शुक्रवार को वन विभाग को पोलावरम जिले की सीमा से लगे वन क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने पोलावरम में पालतू पशुओं पर बाघों के हमलों की घटनाओं के संबंध में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। वन एवं पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण ने अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार सतर्क रहने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिया कि बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस निगरानी प्रणाली स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि बाघों की गतिविधियों की जानकारी वन सीमावर्ती गांवों के लोगों तक तुरंत पहुंचाई जाए, ताकि वे सतर्क रहें।

बुधवार रात को वन सीमा पर स्थित चिकिलिंटा पंचायत के अधिकार क्षेत्र में मवेशी बाड़ों में भेड़ों पर बाघ के हमले की घटना पर पवन कल्याण ने वन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बाघ के हमले में नौ भेड़ों की मौत पर दुख व्यक्त किया।

इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों ने सूचित किया कि पोलावरम जिले की सीमा के भीतर वन क्षेत्र में बाघों की गतिविधि देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि थिम्मापुरम आरक्षित वन में बाघों की गतिविधि की पहचान की गई है और बाघ वर्तमान में वन क्षेत्र में घूम रहा है और आसपास के गांवों की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि बाघ ने वन से महज 300 मीटर दूर एक ताड़ के बागान में चर रही भेड़ों पर हमला किया था।

पवन कल्याण ने कहा कि जमीनी स्तर के कर्मचारियों को बाघों की गतिविधियों के प्रति निरंतर सतर्क रहना चाहिए। उन्हें समय-समय पर आसपास के गांवों के लोगों को भी सतर्क रखना चाहिए। मनुष्यों और पशुधन के जीवन को कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अतीत में जब भी कोई बाघ मानव बस्ती में घुसा था, वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को बड़ी कुशलता से संभाला था।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाघ के घूमने वाले क्षेत्र से सटे गांवों में हनुमान (वन्यजीवों की निगरानी, ​​सहायता और देखभाल के लिए उपचार और पोषण इकाइयां) टीमों के साथ 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जाए। आवश्यकता पड़ने पर, अतिरिक्त हनुमान टीमों को भी तैनात किया जाना चाहिए।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक को स्वयं की जा रही कार्रवाई की निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पूरे अभियान की निगरानी के लिए आवश्यकता हो, तो वन विभाग के केंद्रीय कार्यालय से एक वरिष्ठ अधिकारी को घटना स्थल पर भेजा जाना चाहिए।

पवन कल्याण ने कहा कि उन्नत तकनीक की सहायता से हर गतिविधि पर नजर रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।

--आईएएनएस

एमएस/