बिहार: पटना में साइबर क्राइम गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
पटना, 3 सितंबर (आईएएनएस)। पटना साइबर पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट', फाइनेंशियल स्कैम और ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल एक संगठित साइबर क्राइम गैंग का पर्दाफाश किया है और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कई राज्यों में लोगों को निशाना बनाया और करोड़ों रुपए की साइबर धोखाधड़ी की।
जांच के दौरान, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर आरोपियों से जुड़ी कई शिकायतें मिलीं।
गिरफ्तार लोगों की पहचान खगौल-दानापुर की न्यू कॉलोनी के रहने वाले गौरव कुमार, ट्रांसपोर्ट नगर के आदर्श कुमार और कुम्हरार के अमन राज के तौर पर हुई है।
शुरुआती जांच से पता चला है कि ये तीनों एक संगठित साइबर क्राइम नेटवर्क का हिस्सा थे, जो 'डिजिटल अरेस्ट' और फाइनेंशियल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए कई तरह के धोखे वाले तरीकों का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस ने बताया कि गैंग की गतिविधियां देश के अलग-अलग हिस्सों में फैली हुई थीं।
टेक्निकल एनालिसिस और दूसरे सबूतों के आधार पर साइबर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी पिछले छह महीनों से पटना में सक्रिय थे।
सूत्रों ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए वे लगातार अपनी जगह बदल रहे थे।
पुलिस ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल की गई कई चीजें बरामद कीं, जिनमें एक राजनीतिक पार्टी का झंडा लगी कार, छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, तीन चेकबुक, दो पासबुक और पांच एटीएम कार्ड शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी के तकनीकी विश्लेषण से कई सुराग मिले, जिनसे जांचकर्ताओं को आरोपियों का पता लगाने में मदद मिली।
बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक दस्तावेजों और अन्य चीजों की अब जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके और धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके।
पटना साइबर पुलिस स्टेशन में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि आगे की जांच चल रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में और जानकारी सामने आने की संभावना है।
--आईएएनएस
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