'ध्यान देने की जरूरत नहीं', बहन कविता की नई पार्टी पर बोले केटीआर
हैदराबाद, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने सोमवार को उनकी बहन के. कविता द्वारा नई पार्टी तेलंगाना राष्ट्र सेना के गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक दल आते-जाते रहते हैं और इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
हैदराबाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केटीआर ने कहा, "पार्टियां आती-जाती रहती हैं। इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।"
केटीआर ने बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर कविता द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केसीआर के बारे में बहुत से लोग बोलते रहते हैं और ऐसी बातों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
केटीआर बीआरएस पार्टी के रजत जयंती समारोह के समापन कार्यक्रम को लेकर मीडिया को जानकारी दे रहे थे। यह बैठक पार्टी मुख्यालय तेलंगाना भवन में केसीआर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
इस दौरान बीआरएस ने संसद में भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा दिए गए कथित बयान की कड़ी निंदा की। आरोप है कि उन्होंने तेलंगाना राज्य के गठन की तुलना पाकिस्तान के निर्माण से की थी। केटीआर ने इसे तेलंगाना के लोगों के स्वाभिमान का अपमान बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के तेलंगाना से जुड़े सांसद संसद में इस बयान पर चुप रहे। केटीआर ने कहा कि अगर बीआरएस का कोई सांसद होता तो सदन के भीतर तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाता।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं तेजस्वी सूर्या से फोन पर बात कर कड़ा विरोध जताया और कहा कि यह बयान अनुचित और आहत करने वाला है। केटीआर ने दावा किया कि बीआरएस द्वारा मुद्दा उठाने के बाद ही भाजपा सांसद ने सफाई दी।
बैठक में सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, राज्य कार्यकारिणी सदस्य, जिला अध्यक्ष, संबद्ध संगठनों के प्रमुख, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व एमएलसी, पूर्व कॉर्पोरेशन चेयरमैन और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शामिल हुए।
केटीआर ने कहा कि केसीआर ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को व्यापक दिशा-निर्देश दिए, स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और तेलंगाना आंदोलन में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार जताया।
उन्होंने वरिष्ठ नेता जीवन रेड्डी को पार्टी का महासचिव नियुक्त किए जाने की घोषणा भी की।
केटीआर ने कहा कि केसीआर ने तेलंगाना राज्य गठन से पहले की परिस्थितियों और उस समय के राजनीतिक माहौल पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि केसीआर ने 25 वर्षों तक संघर्ष, रणनीति और कई बार इस्तीफों के जरिए राज्य गठन की लड़ाई लड़ी, जो अंततः सफल रही।
उन्होंने किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि तेलंगाना एक बार फिर राज्य गठन से पहले जैसी कृषि संकट की स्थिति देख रहा है। उन्होंने बिजली कटौती, किसानों की आत्महत्या, बीज और खाद की कमी तथा धान खरीद में देरी जैसे मुद्दों का उल्लेख किया।
बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि जो राज्य विकास के लिए पहचाना जाता था, उसे अब अव्यवस्था की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना को अवैध जमीन कब्जों और मकान तोड़ने में "नंबर वन" बनाया जा रहा है।
उन्होंने मिशन भागीरथ जैसी पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सरकार की विफलता पर सवाल उठाए और धान खरीद के मुद्दे पर निर्णायक कदम न उठाने का आरोप लगाया।
--आईएएनएस
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