'ऐसा लग रहा है, जैसे मैंने अपना गुरु खो दिया', नाना पाटेकर के निधन से टूटे पंकज त्रिपाठी
मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से पूरा फिल्म जगत शोक में है। उनके साथ काम कर चुके कलाकार उन्हें याद कर रहे हैं और उनसे जुड़ी अपनी खास यादें साझा कर रहे हैं।
अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि नाना ने मार्गदर्शक के रूप में उन्हें अभिनय के साथ-साथ जिंदगी से जुड़े कई अहम फैसलों को समझने में भी मदद की।
आईएएनएस से खास बातचीत में पंकज त्रिपाठी ने कहा, ''नाना पाटेकर का जाना पूरी फिल्म बिरादरी के लिए बेहद दुखद है, लेकिन मेरे लिए यह एक निजी क्षति है। मुझे उनके साथ फिल्म 'काला' में स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला था और यह अनुभव हमेशा मेरे लिए बेहद खास रहेगा। वह सिर्फ मेरे को-स्टार नहीं थे। वह अभिनय की कला, जिंदगी से जुड़े फैसलों और अभिनय की छोटी-छोटी बारीकियों को समझने में भी मेरा मार्गदर्शन करते थे। उनसे बहुत कुछ सीखा। कई बार सिर्फ उन्हें देखते हुए और उनकी बातें सुनते हुए भी मैंने बहुत कुछ समझा।''
उन्होंने आगे कहा, ''नाना पाटेकर की सलाह मेरे लिए बहुत मायने रखती थी। उनके निधन की खबर सुनकर ऐसा लग रहा है, जैसे मैंने अपने गुरु को खो दिया है। नाना की कमी हमेशा महसूस होगी, लेकिन उनसे मिली सीख और उनका शानदार काम नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रेरित करता रहेगा।''
पंकज ने नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता की तारीफ करते हुए कहा, ''उनकी सबसे खास बात यह थी कि वह किसी भी किरदार में आसानी से पूरी तरह उतर जाते थे और अपने अभिनय से गहरी छाप जरूर छोड़ते थे। उनके अभिनय की यही खूबी उन्हें असाधारण कलाकार बनाती थी। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान केवल उन फिल्मों तक सीमित नहीं है, जिनमें उन्होंने काम किया। उन्होंने कलाकारों के अभिनय को देखने और अपने काम को समझने के नजरिए को भी प्रभावित किया। उन्होंने कई पीढ़ियों के कलाकारों को यह सिखाया कि अभिनय केवल संवाद बोलने या कैमरे के सामने खड़े होने का नाम नहीं है, बल्कि किरदार की गहराई को समझना भी उतना ही जरूरी है।''
नाना के निधन को एक युग का अंत बताते हुए पंकज त्रिपाठी ने कहा, ''भारतीय सिनेमा ने अपनी सबसे अलग आवाज और बेहतरीन कलाकारों में से एक को खो दिया है। उनके जैसे कलाकार कभी पूरी तरह हमसे दूर नहीं जाते। वह अपने काम, निभाए गए किरदारों और उन कलाकारों के जरिए हमेशा जिंदा रहते हैं, जिन्हें उन्होंने किसी न किसी रूप में प्रेरित किया। उनकी विरासत हमेशा बनी रहेगी। उनके काम को मिटाना संभव नहीं है।''
बता दें कि पंकज त्रिपाठी और नाना पाटेकर ने साल 2018 में आई तमिल फिल्म 'काला' में साथ काम किया था। इस फिल्म में रजनीकांत मुख्य भूमिका में थे। धनुष इसके निर्माता थे। फिल्म में नाना पाटेकर, हुमा कुरैशी, ईश्वरी राव और समुद्रकनी समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए थे।
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