Aapka Rajasthan

तमिलनाडु में बिजली संकट पर सियासत तेज, पलानीस्वामी ने सरकार पर महंगी बिजली खरीदने का लगाया आरोप

सेलम, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेटरी एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार पर आरोप लगाया कि वह ज्यादा दरों पर बिजली खरीदने को सही ठहराने के लिए जानबूझकर बिजली की कमी पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली खरीदने के सरकार के फैसलों से बिजली सेक्टर पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
 

सेलम, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेटरी एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार पर आरोप लगाया कि वह ज्यादा दरों पर बिजली खरीदने को सही ठहराने के लिए जानबूझकर बिजली की कमी पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली खरीदने के सरकार के फैसलों से बिजली सेक्टर पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

सलेम जिले के ओमालुर में पत्रकारों से बात करते हुए, पलानीस्वामी ने 35 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने पर सवाल उठाए और इसे मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में 'बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला' बताया।

उन्होंने दावा किया कि भारत के किसी भी अन्य राज्य ने इतनी ऊंची दर पर बिजली नहीं खरीदी है। उनके अनुसार, आंध्र प्रदेश ने अक्टूबर में 15 से 20 रुपए प्रति यूनिट की कीमत पर बिजली खरीदी थी।

पलानीस्वामी ने याद दिलाया कि विजय ने पिछली डीएमके सरकार के दौरान 20 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने की आलोचना करते हुए इसे भ्रष्टाचार बताया था।

उन्होंने पूछा कि जब बिजली क्षेत्र पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबा है, तो मौजूदा सरकार इतनी ऊंची दर पर बिजली क्यों खरीद रही है?

उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार कृत्रिम कमी पैदा कर रही है और बहुत ज्यादा कीमतों पर बिजली खरीद रही है।"

हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनावों का जिक्र करते हुए, एआईएडीएमके नेता ने 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) की जीत के महत्व पर सवाल उठाए और कहा कि सत्ताधारी पार्टी को भारी अंतर से जीत नहीं मिली है।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुसार प्रचार करने के बजाय पैसे और सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल से जीत हासिल की है। खुद कम्युनिस्ट नेताओं ने प्रचार के दौरान पैसे बांटने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी बताया कि जिन कम्युनिस्ट पार्टियों ने टीवीके गठबंधन का समर्थन किया था, उन्होंने ही उपचुनावों में उसके खिलाफ चुनाव लड़ा।

उन्होंने बढ़ती कीमतों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की और आरोप लगाया कि चावल और सब्जियों की बढ़ती लागत को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने कहा कि खाद्य मंत्री लगातार कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार करते रहे हैं और प्रशासन पर योजना की कमी का आरोप लगाया।

सिंचाई के मुद्दे पर, पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि मेट्टूर बांध से छोड़ा गया पानी किसानों तक नहीं पहुंच पाया, जिससे उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने दूसरी पार्टियों से सदस्यों को अपनी ओर खींचने की टीवीके की कोशिशों की भी आलोचना की और सहयोगियों पर उसकी राजनीतिक निर्भरता पर सवाल उठाए।

चुनाव प्रचार के दौरान सीएम विजय द्वारा डीएमके गठबंधन की आलोचना का जिक्र करते हुए, पलानीस्वामी ने दावा किया कि मौजूदा सरकार उसी राजनीतिक समूह के समर्थन से चल रही है जिस पर उसने हमला किया था।

उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर सत्ता बनाए रखने में ही लगे रहने का आरोप लगाया।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम