पाकिस्तान : पूर्व पीएम इमरान की बहन की अवमानना याचिका खारिज, अस्पताल शिफ्ट करने के आदेश पर विवाद
इस्लामाबाद, 25 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उजमा खान की ओर से दायर अवमानना याचिका को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने मंगलवार को वापस कर दिया। यह याचिका अदालत के 18 अगस्त के आदेश के उल्लंघन के आरोप में दायर की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष गोहर अली खान ने कहा कि 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेश को लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने अवमानना याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, गोहर अली खान ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार से मुलाकात की। उन्हें बताया गया कि उनकी याचिका पर कुछ आपत्तियां हैं। इसी कारण अवमानना याचिका की फाइल उन्हें वापस कर दी गई।
उन्होंने कहा कि पार्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से उठाई गई आपत्तियों का जवाब देगी और फिर से अवमानना याचिका दाखिल करेगी।
22 अगस्त को पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट में यह अवमानना याचिका दायर की थी। पार्टी का आरोप था कि अदालत के 18 अगस्त के उस आदेश का उल्लंघन हुआ है, जिसमें इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने के निर्देश दिए गए थे।
18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया था कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल स्थानांतरित किया जाए और उनकी अपने परिवार से साप्ताहिक मुलाकात की व्यवस्था की जाए।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच, पाकिस्तान सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दायर की है। सरकार ने अदालत के इस आदेश को 'भेदभावपूर्ण' बताया है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसलों को उनकी पार्टी पीटीआई ने राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद इमरान खान के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए, जिनमें सरकारी उपहारों से जुड़ा मामला और कथित अवैध विवाह का मामला भी शामिल है।
पिछले महीने, यातना और अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार या सजा पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक एलिस जिल एडवर्ड्स ने इमरान खान की हिरासत की स्थितियों और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने की खबरों पर चिंता जताई थी।
उन्होंने पाकिस्तान से अपील की थी कि इमरान खान को मानवीय परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं और उन्हें अपनी पसंद के डॉक्टर से जांच और इलाज कराने की अनुमति दी जाए।
लिंक्डइन पर साझा एक पोस्ट में एडवर्ड्स ने कहा कि इमरान खान को 33 महीनों से लगभग पूरी तरह एकांत में रखा गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें एक छोटी, बिना खिड़की वाली कोठरी में रखा गया है और अक्सर लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक किसी व्यक्ति से सार्थक संपर्क नहीं करने दिया जाता।
एडवर्ड्स ने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 33 महीनों से लगभग पूरी तरह एकांत में रखा गया है। उन्हें एक छोटी, बिना खिड़की वाली कोठरी में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में रखा जाता है। यह 'मंडेला नियमों' से कहीं अधिक कठोर स्थिति है।
--आईएएनएस
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