पाकिस्तान: कराची में बिजली खराबी से गहराया पानी का संकट, सप्लाई ठप होने ने लोग परेशान
इस्लामाबाद, 31 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची में चल रहे जल संकट के बीच, धाबेजी पंपिंग स्टेशन पर अचानक बिजली बंद होने से शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।
कराची में पानी की गंभीर कमी का संकट लगातार दूसरे महीने भी जारी है। इसके कारण लोगों को पानी के टैंकरों और निजी सप्लायर्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है। शनिवार को कराची वॉटर एंड सीवरेज कॉरपोरेशन (केडब्ल्यूएससी) ने एक बयान में कहा कि के-इलेक्ट्रिक ने उन्हें जानकारी दी कि धाबेजी ग्रिड स्टेशन के एक ट्रांसफॉर्मर में बड़ी तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी वजह से शाम 6:30 बजे आपातकालीन शटडाउन करना पड़ा।
हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया कि सामान्य जलापूर्ति कब तक बहाल हो पाएगी।
बयान में कहा गया, "बिजली बंद होने की वजह से धाबेजी पंपिंग स्टेशन की 21 में से 10 पंपिंग यूनिट्स बंद हो गईं। इससे शहर की पानी आपूर्ति प्रणाली पर बड़ा असर पड़ा और कराची के कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई।"
केडब्ल्यूएससी ने आगे कहा, "के-इलेक्ट्रिक ने शुरुआत में बताया था कि बिजली कटौती करीब एक घंटे तक रहेगी, लेकिन अब तक बिजली पूरी तरह बहाल होने का कोई निश्चित समय नहीं बताया गया है। केडब्ल्यूएससी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और बिजली जल्द बहाल कराने तथा पानी की सप्लाई सामान्य करने के लिए के-इलेक्ट्रिक के अधिकारियों के संपर्क में है।"
ईद के दौरान भी कराची के लोगों को पानी खरीदना पड़ा ताकि वे धार्मिक स्नान, पशुओं की देखभाल और सफाई जैसे जरूरी काम कर सकें। यह पहली बार नहीं है जब ईद के मौके पर लोगों को पानी की कमी झेलनी पड़ी हो। कई लोगों का कहना है कि ईद, रमजान और मुहर्रम जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर पानी की कमी होना केडब्ल्यूएससी की एक दुखद परंपरा बन गई है।
मार्च से ही कराची में पानी की सप्लाई कई कारणों से कम हो गई है। इनमें पाइपलाइन फटना, भूमिगत लीकेज, पंपिंग स्टेशनों पर बिजली की खराबी और मुख्य पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचना शामिल है। हालांकि, केडब्ल्यूएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहमद अली का कहना है कि ईद के दौरान सामान्य जलापूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने पानी की सप्लाई में रुकावट के लिए के-इलेक्ट्रिक और बार-बार होने वाली बिजली खराबियों को जिम्मेदार ठहराया।
कई इलाकों में हफ्तों से और कुछ जगहों पर दो महीने से भी ज्यादा समय से पानी की सप्लाई प्रभावित है। ऐसे में लोगों को मजबूर होकर पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश लोगों को टैंकर मिलने के लिए 7 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं, टैंकरों के दाम भी लगभग दोगुने हो चुके हैं, जिससे कई लोग उन्हें खरीद ही नहीं पा रहे हैं।
'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) के विधायकों ने सिंध विधानसभा में कराची के पानी संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ईद-उल-अजहा से पहले पानी की सप्लाई तुरंत बहाल करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने "कराची को पानी दो" के नारे भी लगाए।
विपक्ष के नेता अली खुर्शीदी ने कहा कि कराची का हर व्यक्ति पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है, जबकि अधिकारी मूक दर्शक बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि घरों के नलों में पानी नहीं आ रहा है और उन्होंने खुद दो दिनों तक पानी का टैंकर मंगाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
जवाब में सिंध के कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री जिया-उल-हसन लांजर ने कहा, "कराची में के-आईवी परियोजना पर काम चल रहा है।" उन्होंने कहा कि एमक्यूएम-पी केंद्र सरकार का हिस्सा है और उसे इस परियोजना को जल्द पूरा कराने के लिए केंद्र पर दबाव डालना चाहिए।
--आईएएनएस
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