पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एलीट फोर्स के जवान की गोली मारकर हत्या
इस्लामाबाद, 19 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर दीर जिले के गंडीगर के मनो बंदा इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने एलीट फोर्स के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बाचा यूसुफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को पुलिस के हवाले से यह खबर दी।
पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, बाचा यूसुफ खान को उनके घर के बाहर हमलावरों ने निशाना बनाया। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल होने की वजह से उनकी मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जा रहे थे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया। घटना के बाद, पुलिस की एक बड़ी टीम मौके पर पहुंची, इलाके को घेर लिया और हमलावरों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
गंडीगर पुलिस ने अनजान हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया और जांच शुरू की। अभी तक, किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पिछले हफ्ते, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले के बेट्टानी कबीले में एक पुलिस गाड़ी के पास हुए धमाके में कम से कम छह पुलिसवाले मारे गए और एक घायल हो गया।
जियो न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक, धमाका एक पुलिस मोबाइल के पास हुआ, जिसमें छह पुलिसवालों की मौत हो गई और एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि 8 मार्च को पाकिस्तान के क्वेटा के किल्ली इस्माइल इलाके में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर अनजान हमलावरों ने गोलियां चलाईं, जिसमें उनकी मौत हो गई।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि इंस्पेक्टर मेथा खान हाल ही में सीटीडी में शामिल हुए थे। उन्हें 8 मार्च को किल्ली इस्माइल इलाके से गुजरते समय हथियारबंद लोगों ने गोली मार दी। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार हथियारबंद लोगों ने सीटीडी अधिकारी पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने आगे कहा कि घटना के बाद बंदूकधारी मौके से भाग गए।
इस्लामाबाद के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में पाकिस्तान में लड़ाई से जुड़ी मौतों में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। लड़ाई में होने वाली मौत के मामलों में बढ़ोतरी की वजह से देश भर में आत्मघाती हमलों में बढ़ोतरी हुई है।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में 470 मौतें और 333 घायल हुए। पीड़ितों में 96 आम नागरिक, 80 सुरक्षा बल के जवान और 294 आतंकवादी शामिल हैं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में 259 आम नागरिक, 50 सुरक्षा बल के जवान और 24 आतंकवादी शामिल हैं।
यह आंकड़ा दिखाता है कि जनवरी की तुलना में सुरक्षा बल के जवानों की मौत में 74 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, आम लोगों की मौत में 32 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उग्रवादी मौत में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
फरवरी में खैबर पख्तूनख्वा में 53 सुरक्षा बल के जवान और छह आम लोग मारे गए, जबकि 35 सुरक्षा बल के जवान और 48 आम लोग घायल हुए। खैबर पख्तूनख्वा में तीन आत्मघाती हमलों की घटनाएं हुईं, जिसमें 14 सुरक्षा बलों के जवानों समेत 17 लोगों की जान चली गई और 20 लोग घायल हुए।
--आईएएनएस
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