पाकिस्तानी बलों पर नागरिकों की हत्या और गायब करने का आरोप, मानवाधिकार संगठनों ने की जांच की मांग
क्वेटा, 19 जून (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में आम लोगों के खिलाफ हिंसा लगातार जारी रहने के बीच, शुक्रवार को प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने यह आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दो नागरिकों की बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हत्या कर दी और दो अन्य लोगों को जबरन गायब कर दिया।
मानवाधिकार संगठन बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि 22 वर्षीय ड्राइवर मुजाहिद का गोलियों से छलनी शव गुरुवार को पंजगुर जिले के चाकुल इलाके के पास मिला। वह 10 दिनों से अधिक समय से लापता था।
बीवाईसी के अनुसार, मुजाहिद को सात जून की रात पंजगुर के सरसंद इलाके में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) रोड के पास से पाकिस्तानी बलों ने जबरन उठा लिया था। संगठन का कहना है कि उसके परिवार को उसकी गुमशुदगी के दौरान उसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
बीवाईसी ने कहा, “लापता लोगों के परिवार और मानवाधिकार कार्यकर्ता लंबे समय से जबरन गायब किए जाने, गैरकानूनी हत्याओं और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं। लेकिन जब बात बालूचिस्तान की आती है, तो सरकारी संस्थानों ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है।”
एक अलग घटना में, 33 वर्षीय गुल बदीन नोटेजई की 17 जून को चागई जिले के दलबंदीन इलाके में पाकिस्तानी सेना की ओर से कथित तौर पर हत्या कर दी गई।
इस घटना की निंदा करते हुए बीवाईसी ने कहा, “इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। गुल बदीन नोटेजई उन कई बेगुनाह नागरिकों में शामिल हो गए हैं, जिनके मामले बालूचिस्तान में लोगों की सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं।”
संगठन ने इस मामले की तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की और पाकिस्तानी अधिकारियों से कहा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाए।
बालूचिस्तान में नागरिकों के खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों का जिक्र करते हुए, मानवाधिकार संगठन बलोच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दो और बलूच युवकों को पाकिस्तानी बलों ने जबरन गायब कर दिया है।
संगठन के अनुसार, 21 वर्षीय मजदूर आदिल बलूच को 6 जून को प्रांतीय राजधानी क्वेटा के किल्ली लोहर कारेज इलाके से उठाया गया, जबकि 18 वर्षीय मजदूर उबैद बलोच को 14 जून को दलबंदीन से ले जाया गया।
पाकिस्तान सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए बीवीजे ने कहा, “इन घटनाओं के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और बालूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने की इस लगातार चल रही प्रथा को खत्म किया जाना चाहिए। चुप्पी और निष्क्रियता केवल पीड़ितों और उनके परिवारों के दुख को और बढ़ाती है।”
--आईएएनएस
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