आंध्र प्रदेश में पी-4 कार्यक्रम से आर्थिक असमानताएं कम होंगी: सीएम चंद्रबाबू नायडू
अमरावती, 15 जनवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने गरीबों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने और वित्तीय विकास हासिल करने में सहायता प्रदान करके आर्थिक असमानताओं को कम करने के लिए पी-4 कार्यक्रम शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के उत्थान और सभी को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि एक सुखी, स्वस्थ और समृद्ध समाज की स्थापना हो सके। वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ संक्रांति समारोह में भाग लेने के बाद तिरुपति जिले के अपने पैतृक गांव नरवरिपल्ले में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों को एक साथ मनाकर संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "त्योहारों के इस मिलन समारोह से सभी को अपार खुशी मिलेगी।"
मुख्यमंत्री ने सभी को संक्रांति और कनुमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तिरुपति को विवाह समारोहों के लिए एक पसंदीदा स्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए मंदिर नगरी के सभी तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि होमस्टे की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विशाखापत्तनम और अमरावती को मेगा सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकार 2027 तक भूमि सर्वेक्षण पूरा कर लेगी और सरकारी मुहर एवं क्यूआर कोड वाली पट्टादार पासबुक वितरित करेगी।
उन्होंने कहा कि संजीवनी स्वास्थ्य कार्यक्रम पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। यह कार्यक्रम कुप्पम में प्रायोगिक आधार पर लागू किया गया था और जो एक बड़ी सफलता साबित हुआ है। सबसे पहले सभी संवेदनशील लोगों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड रखे जाएंगे, उसके बाद छात्रों और आम जनता के रिकॉर्ड रखे जाएंगे।
सीएम ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के एकीकृत विकास और लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए पिछले वर्ष स्वर्ण नरवरिपल्ले परियोजना शुरू की थी।
इसके अंतर्गत, रंगमपेटा, कंदुलावरिपल्ले और चिन्नारामपुरम पंचायतों में एक पायलट परियोजना शुरू की गई है और एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति की गई है।
विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत सभी घरों में सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी, जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाएगी और सभी को आवास उपलब्ध कराने के लिए आवास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा उत्पादन और सौर पंपसेटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक खेती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें जियो टैगिंग और प्रमाणीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी और तिरुपति में प्राकृतिक कृषि उत्पादों के विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाएगी और क्षेत्र में कार्यस्थल स्थापित किए जाएंगे ताकि युवा अपने-अपने गांवों में घर से काम कर सकें। साथ ही, शिक्षा के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
--आईएएनएस
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