गुजरात में 8,169 विद्या सहायकों को नियुक्ति पत्र, चयनितों में 6,000 से अधिक महिलाएं
गांधीनगर, 2 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात में 'विद्या सहायकों' (प्राथमिक शिक्षकों) के रूप में चुने गए 8,169 उम्मीदवारों में 6,000 से अधिक महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को गांधीनगर के पास अडालज में आयोजित समारोह में नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति अनुशंसा पत्र सौंपे।
सीएम पटेल ने त्रिमंदिर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ये नए शिक्षक देश का भविष्य संवारने और 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों का मार्गदर्शन इस तरह करें कि वे राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।
उन्होंने बताया कि 8,000 से अधिक नियुक्त लोगों में से 6,000 से ज्यादा महिलाएं हैं, जो शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात में शुरू की गई 'कन्या केलवणी महोत्सव' और 'शाला प्रवेशोत्सव' जैसी पहलें अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी हैं और इनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।"
सीएम पटेल ने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है और उम्मीदवारों का चयन योग्यता (मेरिट) के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा, "अपनी कड़ी मेहनत से सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं को देखकर उनके माता-पिता और परिवार के सदस्यों की खुशी और गर्व साफ झलक रहा है।"
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा विभाग आने वाले समय में लगभग 10,000 और शिक्षकों की भर्ती करने की योजना बना रहा है। सीएम पटेल ने शिक्षण पेशे से जुड़ी जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा, "समाज में शिक्षकों का सम्मान हमेशा बना रहता है, चाहे उनके छात्र चिकित्सा, इंजीनियरिंग या विज्ञान जैसे क्षेत्रों में कितने भी सफल क्यों न हो जाएं।"
संत ज्ञानेश्वर का उदाहरण देते हुए उन्होंने नए शिक्षकों से आग्रह किया कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय जिम्मेदारी बरतें। उन्होंने कहा, "शिक्षकों का व्यवहार और आचरण बच्चों के मन और व्यक्तित्व पर गहरा और स्थायी प्रभाव डालता है।"
शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने बताया कि राज्य सरकार ने तकनीक और पारदर्शी प्रक्रियाओं का उपयोग करते हुए, मेरिट-आधारित प्रणाली के माध्यम से लगभग 12,000 'विद्या सहायकों' की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इस भर्ती में गुजराती माध्यम की कक्षा 1 से 5 के लिए लगभग 11,000 पद और अन्य माध्यमों के लिए लगभग 987 पद शामिल हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए वाजा ने कहा, "रटने के बजाय, बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान, कौशल विकास और अनुभव-आधारित सीखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।"
उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से आग्रह किया कि वे गतिविधियों, कहानियों, प्रयोगों और तकनीक के माध्यम से कक्षाओं को रोचक बनाएं। उन्होंने अभिभावकों के साथ नियमित संवाद करने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों से समाज और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए कहा, क्योंकि गुजरात 'विकसित भारत' के विजन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
शिक्षा राज्यमंत्री रिवाबा जडेजा ने कहा, "शिक्षक न केवल ज्ञान देने में बल्कि बच्चों की सोच, व्यक्तित्व और चरित्र को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा में बुनियादी साक्षरता के साथ-साथ मूल्यों, कौशल और तकनीक को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए, जडेजा ने कहा कि "जो लोग राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं, उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहिए।"
--आईएएनएस
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