ओएनजीसी ने मूल्य निर्धारण में अनियमितताओं और मिलीभगत की आशंका के चलते रद्द किया जैक-अप रिग टेंडर
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकारी तेल कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जैक-अप रिग्स की भर्ती के लिए जारी टेंडर को रद्द करने का फैसला मूल्य निर्धारण में अनियमितताओं और मिलीभगत की आशंका के कारण लिया गया।
यह स्पष्टीकरण एक मीडिया रिपोर्ट के जवाब में दिया गया है, जिसमें टेंडर रद्द करने की बात कही गई थी।
कंपनी ने कहा कि वह हमेशा सार्वजनिक खरीद के तय नियमों का पालन करती है और पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है।
ओएनजीसी ने यह भी कहा कि सभी प्रतिभागियों से उम्मीद की जाती है कि वे सही और प्रतिस्पर्धी बोली लगाएं, जबकि अनुचित व्यापारिक तरीकों, जैसे बहुत कम कीमत लगाना या आपस में मिलकर बोली लगाना, को हतोत्साहित किया जाता है।
कंपनी के अनुसार, टेंडर की जांच में कीमतों में करीब 60 प्रतिशत की असामान्य बढ़ोतरी देखी गई। करीब नौ महीनों में दैनिक दर 35,606 डॉलर से बढ़कर 56,195 डॉलर हो गई थी।
ओएनजीसी ने कहा कि इतनी तेज बढ़ोतरी सामान्य और प्रतिस्पर्धी बाजार व्यवहार से बाहर है।
महारत्न पीएसयू ने यह भी बताया कि बोली के पैटर्न और वैश्विक हालात को देखते हुए मिलीभगत की आशंका भी सामने आई।
कंपनी ने कहा, "एक जिम्मेदार सार्वजनिक खरीद एजेंसी होने के नाते ओएनजीसी के लिए इन चिंताओं की जांच करना जरूरी था, जिसके बाद टेंडर रद्द करने का फैसला लिया गया।"
ओएनजीसी ने दोहराया कि यह कदम संगठन के हितों की रक्षा, सार्वजनिक धन के सही उपयोग और खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। कंपनी ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से उचित मूल्य निर्धारण, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और नियमों के पालन के आधार पर लिया गया है, इसमें किसी बाहरी दबाव का असर नहीं है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह उद्योग के साथ पारदर्शी तरीके से काम करती रहेगी और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी, साथ ही कार्टेल बनने जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
इस खबर के बाद ओएनजीसी के शेयरों में हल्की तेजी देखी गई और बुधवार को एनएसई पर दोपहर करीब 1.23 बजे कंपनी के शेयर 0.35 प्रतिशत बढ़कर 283.20 रुपए के स्तर तक ट्रेड करते नजर आए।
--आईएएनएस
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