पहलगाम घटना के एक साल बाद: सुरक्षा कड़ी, पर्यटक बोले- 'कश्मीर घूमना सुरक्षित'
श्रीनगर, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम जिले की बैसरन घाटी में बंदूकधारियों द्वारा की गई गोलीबारी में 26 नागरिकों की मौत के एक साल बाद, पर्यटकों ने बुधवार को बताया कि घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अब 'धरती पर स्वर्ग' कहे जाने वाले इस स्थान पर आना सुरक्षित है।
डल झील घूमने आए एक पर्यटक ने आईएएनएस को बताया कि अब यहां आना सुरक्षित है। यहां सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी है। छोटी-छोटी बातों पर भी हर गाड़ी की जांच की जा रही है। डरने की कोई बात नहीं है। माहौल बहुत आरामदायक है और स्थानीय लोग भी बहुत मददगार हैं।
एक अन्य पर्यटक ने बताया कि पिछले साल हुए हमले के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर शुरू में चिंता थी।
उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले हमारे परिवार को अपनी सुरक्षा की चिंता थी। लेकिन यहां पहुंचने पर हमें एहसास हुआ कि डरने की कोई बात नहीं है। हर 100 मीटर पर सैनिक पहरा दे रहे हैं। हर जगह सुरक्षा जांच की जा रही है।
कश्मीर घूमने के लिए पर्यटकों से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को यहां जरूर आना चाहिए। जब मैं पहलगाम गई थी, तब वह बहुत खूबसूरत था। चूंकि अभी गर्मी का मौसम है, इसलिए यहां का तापमान हमारे लिए अनुकूल है। हमें बर्फ से ढके पहाड़ और हरियाली दोनों देखने को मिली।
दूधपथरी और सोनमर्ग की यात्रा से लौट रही एक महिला ने आईएएनएस को बताया कि पिछले साल जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन अब यहां उस वजह से डर का माहौल नहीं है। हर किसी को एक बार कश्मीर जरूर आना चाहिए। यहां सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं।
एक युवती ने हाउसबोट में रहने के बाद अपनी खुशी जाहिर की।
उसने भी इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि यहां पूरी सुरक्षा है। माहौल भी बहुत अच्छा है।
सीआरपीएफ की 84 बटालियन के कमांडेंट एन. रणबीर सिंह की टुकड़ी पहाड़ी रामबन जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के 47 किलोमीटर हिस्से की सुरक्षा में तैनात है। उन्होंने पहलगाम घटना के बाद उठाए गए सुरक्षा उपायों के बारे में बताया।
अर्धसैनिक बल के कमांडर ने आईएएनएस को बताया कि हमने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। हमने अपने सभी संसाधनों, कर्मियों, त्वरित कार्रवाई टीमों आदि को अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में रणनीतिक रूप से तैनात कर दिया है ताकि कोई खतरा न रहे। अगर कोई खतरा होता है, तो हमारी प्रतिक्रिया त्वरित और निर्णायक होगी।
उन्होंने आगे कहा कि हम दुर्गम क्षेत्रों में निगरानी करने के लिए ड्रोन का उपयोग करते हैं। हम रात के समय राजमार्ग पर भी अनियमित गश्त करते हैं।
--आईएएनएस
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