खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग बाधाएं कम होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेजी से गिरावट संभव : अमेरिकी वित्त मंत्री
वाशिंगटन, 29 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भरोसा जताया है कि खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग बाधाएं कम होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है, लेकिन ऊर्जा बाजार में फिलहाल पर्याप्त रूप से सप्लाई हैं।
व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में बोलते हुए बेसेंट ने कहा कि बाजार पहले ही मजबूती दिखा चुका है और यह डर शायद जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है कि ऊर्जा संकट लंबे समय तक रहेगा।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "खाड़ी से बाहर आने के लिए लगभग 2,000 जहाज इंतजार कर रहे हैं और मुझे लगता है कि इस स्थिति के बाद तेल बाजार बहुत अच्छी सप्लाई में रहेगा, और कीमतें बहुत जल्दी नीचे आ सकती हैं।"
यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकारें और ऊर्जा बाजार होर्मुज जलडमरूमध्य के हालात पर नजर रख रहे हैं। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जिससे हर दिन वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
बेसेंट ने कहा कि हाल के हफ्तों में वैश्विक तेल कीमतों में पहले ही नरमी आई है, भले ही भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।
उन्होंने कहा, "जो हमने देखा है वह यह है कि मई में तेल की कीमतें लगभग 10 प्रतिशत कम हुई हैं।'' उन्होंने आगे जोड़ा कि प्रमुख उत्पादक देशों से अतिरिक्त सप्लाई से बाजार स्थिर हो सकता है। ऊर्जा उत्पादक देशों के साथ हाल की बातचीत का जिक्र करते हुए बेसेंट ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा बाधा खत्म होने के बाद बाजार पर्याप्त रूप से सप्लाई में रहेगा।
ईंधन कीमतों को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इसके बाद पेट्रोल की कीमतें भी नीचे आएंगी।"
अमेरिकी वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका की बढ़ती ऊर्जा उत्पादन क्षमता ने बाहरी झटकों से अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाया है।
उन्होंने कहा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप के ऊर्जा डॉमिनेंस और डिरेगुलेटरी एजेंडा की वजह से ऊर्जा कीमतों के उतार-चढ़ाव के प्रति ज्यादा मजबूत हैं। अमेरिका अब दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा निर्यातक है। अमेरिका ने कभी इतना ज्यादा ऊर्जा निर्यात या उत्पादन नहीं किया है।"
बेसेंट ने ऊर्जा स्थिरता को प्रशासन के व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण से जोड़ा और कहा कि महंगाई की चिंताओं के बावजूद आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर ऊर्जा बाजार स्थिर रहता है तो मुद्रास्फीति का दबाव कम होने की उम्मीद है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से लंबे समय तक सप्लाई की समस्या हो सकती है, तो उन्होंने कहा, "जैसे ही यह जलडमरूमध्य खुलेगा, हम जहाजों की बाढ़ देखेंगे। हम देखेंगे कि इसे कितनी जल्दी रिफाइन किया जा सकता है, और कितनी जल्दी यह अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है।"
बेसेंट ने इस समुद्री मार्ग से मुक्त आवागमन के महत्व पर बार-बार जोर दिया और इसे ट्रंप प्रशासन की ईरान के साथ चल रही बातचीत की एक मुख्य शर्त बताया।
उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त आवाजाही होनी चाहिए। समुद्र में नौवहन स्वतंत्र और खुला होना चाहिए, जैसा पहले था।"
--आईएएनएस
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