Aapka Rajasthan

चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के कारण फसल ऋण माफी पर घोषणा टली : सीएम फडणवीस

मुंबई, 2 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार की बहुप्रतीक्षित किसान कर्जमाफी योजना पर फैसला अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा फिलहाल टाल दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि विधान परिषद चुनावों के मद्देनजर आयोग के दिशानिर्देशों के कारण अभी इसकी सार्वजनिक घोषणा नहीं की जा सकती।
 
चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के कारण फसल ऋण माफी पर घोषणा टली : सीएम फडणवीस

मुंबई, 2 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार की बहुप्रतीक्षित किसान कर्जमाफी योजना पर फैसला अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा फिलहाल टाल दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि विधान परिषद चुनावों के मद्देनजर आयोग के दिशानिर्देशों के कारण अभी इसकी सार्वजनिक घोषणा नहीं की जा सकती।

साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि फसल ऋण माफी का प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जा चुका है और इस पर अंतिम मुहर भी लगाई जा रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने सरकार को प्रस्ताव पारित करने और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इसकी सार्वजनिक घोषणा पर रोक लगाई गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए 18 जून को मतदान और 22 जून को मतगणना होनी है। इसलिए कर्जमाफी योजना की आधिकारिक घोषणा चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद की जाएगी। इस दौरान उनके साथ मंत्री गिरीश महाजन और शिवेंद्र राजे भोसले भी मौजूद थे।

दो दिन पहले कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने संकेत दिया था कि किसान कर्जमाफी पर 10 दिनों के भीतर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अब मुख्यमंत्री ने भी पुष्टि कर दी है कि योजना को कैबिनेट की मंजूरी दी जा रही है।

राज्यभर के किसान संगठनों और नेताओं की लंबे समय से पूर्ण कर्जमाफी की मांग रही है। किसानों का कहना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी नहीं होने और बढ़ते कर्ज के कारण किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। यही वजह है कि राज्य में किसान आत्महत्याओं के मामले भी चिंता का विषय बने हुए हैं।

सरकार की प्रस्तावित 'पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर कर्जमाफी योजना' के तहत लाखों किसानों को राहत देने की तैयारी है। इस योजना के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक बकाया फसल ऋण रखने वाले किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपए तक की कर्जमाफी दी जाएगी। वहीं, जो किसान नियमित रूप से अपना ऋण चुकाते रहे हैं, उन्हें 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

योजना के तहत जिन किसानों का बकाया कर्ज 2 लाख रुपए तक है, उनका पूरा ऋण सरकार चुकाएगी। वहीं, जिन किसानों पर 2 लाख रुपए से अधिक का कर्ज है, उन्हें पहले अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी, उसके बाद सरकार 2 लाख रुपए तक की कर्जमाफी का लाभ देगी।

किसानों को कर्ज से स्थायी राहत देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार और मित्रा संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर सहकार विभाग ने कर्जमाफी का प्रस्ताव तैयार किया है।

सूत्रों के अनुसार, नई योजना में पूर्व की महात्मा फुले कर्जमुक्ति योजना के मानदंडों को भी शामिल किया गया है। राज्य में करीब 52.80 लाख किसानों पर हजारों करोड़ रुपए का फसल ऋण बकाया है। वहीं, मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष कम बारिश और संभावित सूखे की चेतावनी के बीच सरकार किसानों को राहत देने के लिए इस योजना को जल्द लागू करने की तैयारी में है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम