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ओडिशा एससीबी अस्पताल हादसा : लापरवाही के आरोप में 4 अधिकारी निलंबित; विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की

भुवनेश्वर, 19 मार्च (आईएएनएस)। 16 मार्च को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई दुखद आग की घटना के बाद, जिसमें आधिकारिक तौर पर 12 मरीजों की जान चली गई थी, चार लोगों को, जिनमें अग्निशमन विभाग के तीन अधिकारी और एक इंजीनियर शामिल हैं, कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
 
ओडिशा एससीबी अस्पताल हादसा : लापरवाही के आरोप में 4 अधिकारी निलंबित; विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की

भुवनेश्वर, 19 मार्च (आईएएनएस)। 16 मार्च को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई दुखद आग की घटना के बाद, जिसमें आधिकारिक तौर पर 12 मरीजों की जान चली गई थी, चार लोगों को, जिनमें अग्निशमन विभाग के तीन अधिकारी और एक इंजीनियर शामिल हैं, कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

इस बीच, विपक्षी पार्टियों बीजद और कांग्रेस ने बुधवार को ओडिशा विधानसभा के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर विरोध प्रदर्शन तेज़ कर दिए। वे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

लापरवाही के आरोपों की जांच के बाद, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पहले ही चार अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दे दिया है। इन अधिकारियों की पहचान प्रकाश कुमार जेना (उप अग्निशमन अधिकारी, कटक सर्किल), संजीव कुमार बेहरा (सहायक अग्निशमन अधिकारी, कटक सर्किल), अभिनव प्रुस्टी (स्टेशन अधिकारी, एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल), और रंजन कुमार बिस्वाल (सहायक कार्यकारी अभियंता, एससीबी उप-मंडल, जीईडी, कटक) के रूप में हुई है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले, कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना के कारणों की जांच के लिए विकास आयुक्त देवरंजन कुमार सिंह की अध्यक्षता में छह सदस्यों वाली एक 'तथ्य-खोज टीम' का गठन किया था।

राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश लक्ष्मीधर बिस्वाल की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया था।

इस आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह ओडिशा राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

इस आयोग को आग लगने की घटना से जुड़ी घटनाओं के क्रम की जांच करने; इसमें शामिल व्यक्तियों या अधिकारियों की भूमिका, आचरण और जवाबदेही तय करने; ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए अस्पताल और अन्य एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करने; और मरीजों की जान बचाने के लिए घटना से पहले और बाद में उठाए गए कदमों की प्रभावशीलता की जांच करने का काम सौंपा गया है।

सरकार ने आयोग से यह भी कहा है कि वह भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुझाव दे।

रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार की रात 2 बजे से 3 बजे के बीच, एससीबी मेडिकल कॉलेज के 'ट्रॉमा केयर सेंटर' के आईसीयू में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई थी।

इस अग्निकांड में कुल 12 मरीजों की मौत हो गई।

--आईएएनएस

एससीएच