ओडिशा सरकार ने 'अंत्योदय गृह योजना' को दो साल के लिए बढ़ाया और अधिक घरों का रखा लक्ष्य
भुवनेश्वर, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने 'अंत्योदय गृह योजना' के तहत 2,91,666 और घर बनाने का फैसला किया है। साथ ही इस योजना की समय-सीमा को भी दो साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे अब यह 2027 के बजाय 2029 तक चलेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एजीवाई योजना के तहत और अधिक घर बनाने और इस योजना का विस्तार करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "राज्य में सभी को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।"
सीएमओ ने आगे बताया कि 7,550 करोड़ रुपए का कुल प्रोजेक्ट बजट पहले जैसा ही रहेगा। हालांकि, योजना के तहत मरम्मत कार्यों के लिए निर्धारित 3,500 करोड़ रुपए की राशि का उपयोग अब नए घर बनाने के लिए किया जाएगा।
यह भी बताया गया कि जिन लाभार्थियों को इस योजना के तहत 48,500 रुपए या उससे कम की राशि मिली है, और अन्य पात्र परिवारों को इस योजना के तहत सहायता के लिए पात्र माना जाएगा।
ओडिशा के पंचायती राज और पेयजल विभाग को नए लाभार्थियों की पहचान करने के लिए जल्द ही एक सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया गया है।
ओडिशा सरकार ने तय समय सीमा के भीतर घर का निर्माण पूरा करने पर मिलने वाले प्रोत्साहन (इंसेंटिव) में भी बदलाव किया है।
जो लाभार्थी पांच महीने के भीतर निर्माण पूरा कर लेंगे, उन्हें अब 35,000 रुपए का प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि पहले चार महीने में निर्माण पूरा करने पर 20,000 रुपए का प्रोत्साहन मिलता था।
इसी तरह, जो लोग सात महीने के भीतर घर का निर्माण पूरा करेंगे, उन्हें 20,000 रुपए मिलेंगे, जबकि पहले छह महीने में निर्माण पूरा करने पर 10,000 रुपए का प्रोत्साहन दिया जाता था।
माझी ने कहा कि गुरुवार को घोषित किए गए इन बदलावों से और अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना का शुरुआती लक्ष्य पांच लाख परिवारों के लिए घर बनाना था, विशेष रूप से उन गरीब और कमजोर परिवारों के लिए, जो 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत सहायता पाने के पात्र नहीं हैं।
बता दें कि इस योजना का उद्देश्य उन पात्र परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है जो मौजूदा आवास योजनाओं में शामिल नहीं हो पाए हैं। इसमें प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं के शिकार लोग, विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित परिवार, ऐसे परिवार जहां कोई दिव्यांग व्यक्ति मुख्य कमाने वाला सदस्य है, और 'वन अधिकार अधिनियम' (एफआरए) के तहत आने वाले लाभार्थी शामिल हैं।
'अंत्योदय गृह योजना (विशेष)' के तहत ग्रामीण आवास योजनाओं के लाभार्थियों को भी अपने घर का निर्माण जल्दी पूरा करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
--आईएएनएस
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