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पुरी को विश्वस्तरीय शहर बनाने की तैयारी तेज, सीएम माझी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

भुवनेश्वर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को कहा कि पवित्र तटीय शहर पुरी में चल रही सभी विकास परियोजनाएं विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने पुरी को ओडिशा की पहचान और दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।
 

भुवनेश्वर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को कहा कि पवित्र तटीय शहर पुरी में चल रही सभी विकास परियोजनाएं विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने पुरी को ओडिशा की पहचान और दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।

मुख्यमंत्री माझी ने सोमवार को भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में पुरी जिले की प्रमुख विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।

बैठक के दौरान राज्य सरकार ने पुरी को विश्वस्तरीय धरोहर और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही भगवान जगन्नाथ की परंपरागत रीतियों के सुचारु संचालन और श्रीमंदिर सेवायतों के कल्याण को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रघुनंदन पुस्तकालय के पुनर्निर्माण और श्री जगन्नाथ इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नए मनोरंजन पार्क की योजना, श्री गुंडिचा मंदिर के समग्र विकास तथा महाप्रसाद तैयार करने के लिए नए विशाल रसोईघर के निर्माण पर भी चर्चा हुई।

रोजगार और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने ग्रैंड रोड से हटाए गए रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के तत्काल पुनर्वास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें श्री सेतु के पास स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय लोगों और सेवायतों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने पुरी जिले में स्थित कई प्रमुख मंदिरों, पुलों और शैक्षणिक संस्थानों के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की।

कनेक्टिविटी के क्षेत्र में पुरी-ब्रह्मगिरि, पुरी-कोणार्क और पुरी-भुवनेश्वर मार्गों के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की गई। इसके अलावा श्री जगन्नाथ मेडिकल कॉलेज, ब्लू फ्लैग बीच, प्रस्तावित अस्तारंगा बंदरगाह और कोणार्क सूर्य मंदिर के आसपास चल रहे विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री माझी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं को लागू करते समय स्थानीय सेवायतों, व्यापारियों और निवासियों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ अंततः आम जनता तक पहुंचना चाहिए।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम