हिमाचल में वेतन कटौती लागू: मुख्य सचिव-डीजीपी समेत अधिकारियों पर भी असर
शिमला, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत विधायकों के वेतन में कटौती के कुछ दिनों बाद रविवार को मुख्य सचिव संजय गुप्ता और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी समेत वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के वेतन में भी अस्थायी रूप से 30 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।
कांग्रेस सरकार ने इस पहाड़ी राज्य में चल रहे आर्थिक संकट से निपटने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी कर अगले छह महीनों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी के एक हिस्से को अस्थायी तौर पर रोक दिया है।
वित्त विभाग के सचिव आशीष सिंहमार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, मुख्य सचिव की सैलरी से हर महीने 1.10 लाख रुपए, अतिरिक्त मुख्य सचिव की सैलरी से 1.05 लाख रुपए, प्रधान सचिव की सैलरी से 97,500 रुपए और सचिव की सैलरी से 60,000 रुपए की राशि छह महीनों के लिए रोक दी जाएगी।
यह व्यवस्था अप्रैल की सैलरी से लागू होगी, जो मई में मिलेगी।
नोटिफिकेशन के अनुसार, यह कदम राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति से निपटने और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। राज्य सरकार ने बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों और अनुदान प्राप्त करने वाले संस्थानों को भी इस फैसले को लागू करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम अस्थायी है और राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के सामूहिक प्रयास का एक हिस्सा है।
नोटिफिकेशन के अनुसार, हिमाचल प्रशासनिक सेवा रैंक से प्रमोट होकर विभाग प्रमुख बने अधिकारियों को हर महीने 3.10 लाख रुपए की सैलरी मिलती है, जबकि आईएएस अधिकारियों को लगभग 3 लाख रुपए की सैलरी मिलती है।
प्रदेश सरकार के पास लगभग 60 विभाग प्रमुख हैं, और इस अस्थायी सैलरी कटौती से लगभग 200 अधिकारी प्रभावित होंगे। उनकी सैलरी में हर महीने लगभग 1 करोड़ रुपए की कटौती होने की संभावना है। मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, और प्रधान सचिव जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को भी उन अधिकारियों में शामिल किया गया है जिनकी सैलरी में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है।
--आईएएनएस
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