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संसद में भगवा वेश धारण करने पर विवाद, संतों ने पप्पू यादव को बताया सनातन विरोधी

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवा वेश धारण करने पर पुजारियों ने शुक्रवार को उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे अधिक शर्मनाक बात देश के लिए कुछ नहीं हो सकती।
 

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवा वेश धारण करने पर पुजारियों ने शुक्रवार को उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे अधिक शर्मनाक बात देश के लिए कुछ नहीं हो सकती।

संत सत्येंद्र दास वेदांती ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा, "विपक्ष के नेताओं, समाजवादी पार्टी के नेताओं और बिहार के पप्पू यादव जैसे लोगों ने समाज और सनातन संस्कृति को बदनाम करने का काम किया है। वे दूसरों पर आरोप लगा रहे थे, लेकिन आज उन्हें अपना आचरण देखना चाहिए।"

वेदांती ने कहा, "उन्होंने समाज और सनातन संस्कृति को बदनाम करने का काम किया है। मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उनका हौसला बढ़ता रहेगा।"

चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा, "यह बहुत शर्म की बात है कि संसद परिसर में ऐसा हुआ। यह कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि एक सांसद, जिसके नाम के आगे 'माननीय' टाइटल इस्तेमाल होता है, इस तरह से संसद का अपमान करने की कोशिश करें। पप्पू यादव ने आज जो किया वह बहुत शर्मनाक है। देश के लिए इससे ज्‍यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने सनातन, सनातनियों और भगवा कपड़ों का मजाक उड़ाने की कोशिश की है।"

अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने वीडियो संदेश जारी कर कहा, "आज संसद परिसर का गलत इस्तेमाल खासकर कांग्रेस, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और उनके सांसद दोषी अपराधी पप्पू यादव ने किया गया है। पप्पू यादव सनातन धर्म का अपमान करने के लिए भगवा कपड़े पहनकर आए। जहां तक ​​राम मंदिर मामले की बात है, अयोध्या के साधु-संतों ने पहले ही अपना जवाब दे दिया है। चढ़ावा चोरी करने वालों के लिए एसआईटी और सुप्रीम कोर्ट मिलकर सजा तय करेंगे। हालांकि अखिल भारतीय संत समिति सनातन हिंदू धर्म या उसके साधु-संतों के त्याग और तपस्या को बदनाम करने के बहाने के तौर पर इसका इस्तेमाल करने की किसी भी कोशिश को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।"

उन्‍होंने कहा कि अखिल भारतीय संत समिति का यह मानना है कि संसद संविधान के मुताबिक पवित्र परिसर है। अगर इस परिसर का उपयोग राष्‍ट्रविरोधी,सनातन विरोधी और देश के बहुसंख्‍यक हिंदू समाज की भावनाओं को अपमानित करने के लिए अपराधी पप्‍पू यादव द्वारा किया जा रहा है।

महंत ने राष्‍ट्रपति और लोकसभा अध्‍यक्ष से अपील करते हुए कहा कि ऐसे सांसद की संसद सदस्‍यता बर्खास्‍त होनी चाहिए। यह पूरी दुनिया के अंदर डिस्‍मेंटलिंग ऑफ ग्‍लोबल हिंदुत्‍व के झंडावरदार बनकर सनातन को मिटाने के लिए ये उतरे हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि हालांकि हमें आपकी चुनौती स्‍वीकार है। यह चुनौती सनातन धर्म और साधु-संतों को दी गई है।

अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा, "आज पार्लियामेंट में बहुत बुरी घटना हुई। क्या लोकतांत्रिक सिस्टम में चुने हुए सांसदों को ऐसा बर्ताव करना चाहिए? क्या इस तरह से सनातन का अपमान करना ठीक है? राहुल गांधी हंस रहे थे। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता, अयोध्या के तथाकथित सांसद और कई दूसरे नेता भगवा कपड़े पहने संतों का कॉलर पकड़ रहे थे और उन्हें खींच रहे थे। यह क्या है? क्या कभी किसी ने मौलाना या मौलवी बनकर, टोपी पहनकर इस्लाम के साथ ऐसा बर्ताव किया है।"

महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा, "पप्पू यादव भगवा कपड़े पहने हुए हैं और एक मूर्ति लिए हुए हैं और भगवान राम की तस्वीर है। समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद भी हैं। ये लोग भगवा पोशाक का अपमान क्यों कर रहे हैं? ऐसे लोगों का स्वागत जूते-चप्पल से होना चाहिए।"

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी