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उत्तर कोरिया ने उन्नत 240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण किया

सोल, 24 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने अपनी 240 मिमी क्षमता वाली मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर प्रणाली से शेल्स फायर किए। साथ ही, उसने दक्षिण कोरिया के साथ सीमा पर "सबसे घातक" हमलावर सेनाओं को तैनात करने की जरूरत पर बल दिया।
 

सोल, 24 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने अपनी 240 मिमी क्षमता वाली मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर प्रणाली से शेल्स फायर किए। साथ ही, उसने दक्षिण कोरिया के साथ सीमा पर "सबसे घातक" हमलावर सेनाओं को तैनात करने की जरूरत पर बल दिया।

सरकारी मीडिया केसीएनए के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि यह परीक्षण 22 सितंबर को देश की तोपखाने और मिसाइल क्षमताओं के आधुनिकीकरण की पंचवर्षीय योजना के तहत किया गया।

उत्तर कोरिया के अनुसार, नए 240 मिमी रॉकेटों में 'ऑटोनॉमस पिनपॉइंट गाइड सिस्टम' लगाया गया है। इन रॉकेटों की मारक क्षमता सामान्य बैलिस्टिक उड़ान मोड में 100 किलोमीटर और ग्लाइड उड़ान वाले संयुक्त मोड में 115 किलोमीटर तक बताई गई है। प्योंगयांग ने दावा किया कि परीक्षण के दौरान रॉकेटों की सटीकता और प्रदर्शन की पुष्टि हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरियाई सैन्य अधिकारियों ने कहा, "बढ़ी हुई मारक क्षमता वाले इन रॉकेटों के विकास से दक्षिणी सीमा पर उसकी मारक क्षमता और तैयारी में बड़ा बदलाव आएगा।"

सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग-चोन ने दक्षिणी सीमा पर "सबसे घातक और विनाशकारी" हमलावर क्षमताओं को केंद्रित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा," उत्तर कोरिया चाहता है कि उसका विरोधी जल्द से जल्द यह जान ले कि उसकी लंबी दूरी की मारक क्षमताओं को आधुनिक बनाया जा चुका है।"

उत्तर कोरिया पिछले कुछ समय से दक्षिण कोरिया को निशाना बनाने वाली अपनी अग्रिम मोर्चे की मारक प्रणालियों को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है। प्योंगयांग ने 2023 में अंतर-कोरियाई संबंधों को "शत्रुतापूर्ण दो राज्यों" के संबंध के रूप में परिभाषित किया था। इसके बाद से उसने दक्षिण कोरिया की पहुंच में आने वाली विभिन्न मारक प्रणालियों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर उत्तर कोरिया की प्रमुख लंबी दूरी की तोपखाना प्रणालियों में शामिल है। दक्षिण कोरियाई मीडिया के अनुसार, पुराने संस्करण की मारक क्षमता करीब 60 किलोमीटर से अधिक थी, जबकि नए संस्करण में मार्गदर्शन प्रणाली जोड़ने के साथ इसकी रेंज और सटीकता बढ़ाई गई है। उत्तर कोरिया ने इससे पहले मई में भी किम जोंग उन की मौजूदगी में बढ़ी हुई रेंज वाले 240 मिमी निर्देशित रॉकेट का परीक्षण किया था।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा था कि उन्होंने 22 सितंबर को दक्षिण प्योंगान प्रांत से पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की ओर कई रॉकेटों के प्रक्षेपण का पता लगाया था और उनकी विस्तृत तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है।

--आईएएनएस

केआर/