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उत्तर कोरिया के नए हथियार परीक्षण को किम जोंग-उन ने बताया रक्षा तकनीक में बड़ी प्रगति

सोल, 22 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को इस हफ्ते की शुरुआत में किए गए अपने मिसाइल लॉन्च के बारे में जानकारी दी। उसने कहा कि नई लड़ाकू हथियार प्रणाली का यह परीक्षण देश की हथियार तकनीक में हुई प्रगति को दिखाने के लिहाज से अहम है।
 

सोल, 22 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को इस हफ्ते की शुरुआत में किए गए अपने मिसाइल लॉन्च के बारे में जानकारी दी। उसने कहा कि नई लड़ाकू हथियार प्रणाली का यह परीक्षण देश की हथियार तकनीक में हुई प्रगति को दिखाने के लिहाज से अहम है।

योनहाप की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि देश के मिसाइल ब्यूरो ने रविवार को नेता किम जोंग-उन की मौजूदगी में 'एक नए हथियार का सफल परीक्षण' किया।

उत्तर कोरिया ने यह साफ नहीं किया कि यह किस तरह की हथियार प्रणाली थी। हालांकि, उसने कहा कि यह परीक्षण 'हथियार प्रणाली की तकनीक को आगे बढ़ाने के लिहाज से काफी अहम' था।

यह घोषणा दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के उस बयान के दो दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया ने वॉनसान इलाके से ईस्ट सी की ओर दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।

केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग-उन ने इस परीक्षण को 'आधुनिक रक्षा तकनीक का साफ प्रदर्शन' और 'सशस्त्र सेनाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक स्पष्ट नया बदलाव' बताया।

किम ने कहा कि इस तरह की तकनीक देश की युद्ध की तैयारियों और भविष्य में सशस्त्र सेनाओं के विकास के लिए अहम होगी।

केसीएनए के मुताबिक, किम ने कहा कि उत्तर कोरिया के विरोधी सैन्य नजरिए से इस तकनीकी प्रगति का मतलब अच्छी तरह समझेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस तकनीक का विकास विरोधियों के लिए 'बेहद कठिन और ऐसी चुनौती होगी, जिससे बचा नहीं जा सकता।'

इस बीच, एक अलग घटनाक्रम में उत्तर कोरिया ने सोमवार को अमेरिका के नेतृत्व वाली बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी टीम की हालिया रिपोर्ट को गैरकानूनी बताया।

उत्तर कोरिया ने आरोप लगाया कि यह टीम सामान्य गतिविधियों को गैरकानूनी गतिविधियों के तौर पर पेश कर रही है। प्योंगयांग का कहना है कि विदेशों में उत्तर कोरियाई लोगों के काम करने का उसका कार्यक्रम दूसरे देशों के साथ वैध आर्थिक संबंधों का हिस्सा है।

पिछले हफ्ते जारी अपनी रिपोर्ट में मल्टीलेटरल सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम (एमएसएमटी) ने कहा था कि उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए अब भी अपने कामगारों को विदेश भेज रहा है।

एमएसएमटी के मुताबिक, कम से कम 17 देशों में उत्तर कोरिया के करीब एक लाख कामगार मौजूद हैं, जिनमें ज्यादातर चीन और रूस में हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ उत्तर कोरियाई कामगार रूस की फैक्ट्रियों में सैन्य ड्रोन बनाने के काम में शामिल थे।

केसीएनए की ओर से जारी उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता के बयान में कहा गया, "एमएसएमटी ने साफ तौर पर दिखा दिया है कि वह साजिशें रचने वाला संगठन है, जो सामान्य चीजों को असामान्य बनाकर पेश करता है और कानूनी गतिविधियों को गैरकानूनी बताता है।"

--आईएएनएस

एवाई/एएस