टाटा संस की लिस्टिंग से निवेशकों की अपेक्षाओं और टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी उद्देश्यों के बीच हो सकता है टकराव : नोएल टाटा
मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने कहा कि टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग से निवेशकों की अपेक्षाओं और टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी उद्देश्यों के बीच टकराव हो सकता है।
साथ ही, उन्होंने टाटा संस के बोर्ड से कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से बचाने के लिए पुनर्गठन प्रस्ताव की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
देश की आर्थिक राजधानी में रिपब्लिक टीवी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए नोएल टाटा ने कहा कि उन्हें अभी भी उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) टाटा संस को अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के रूप में वर्गीकृत करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा।
उनके अनुसार, टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग से टाटा समूह के दशकों से चले आ रहे कामकाज के तरीके में बुनियादी बदलाव आएगा। इससे निवेशकों की मुनाफे की अपेक्षाओं और टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी उद्देश्यों के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स सॉल्यूशंस और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स का टाटा संस में विलय करने का प्रस्ताव रखा है।
इस फैसले से टाटा संस के पास अपने स्वयं के संचालन और राजस्व के स्रोत होंगे, जिससे संभवतः वह एनबीएफसी या कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के रूप में वर्गीकृत होने से बच सकेगी।
आरबीआई ने सितंबर 2022 में टाटा संस को अपर-लेयर एनबीएफसी की सूची में शामिल किया था और उसे तीन साल के भीतर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए कहा था।
इसके बाद कंपनी ने अपना कर्ज चुका दिया और 2024 में कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का दर्जा छोड़ने एवं निजी कंपनी बने रहने के लिए आवेदन किया।
हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इसी महीने की शुरुआत में इस आवेदन को खारिज कर दिया और कंपनी से लागू नियमों का पालन करने को कहा।
सितंबर की शुरुआत में टाटा संस के बोर्ड ने कंपनी की लिस्टिंग की तैयारी करने और चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को पांच साल का नया कार्यकाल देने के लिए मतदान किया था। नोएल टाटा इस फैसले का विरोध करने वाले अकेले बोर्ड सदस्य थे।
उन्होंने चंद्रशेखरन को चेयरमैन के रूप में दोबारा नियुक्त करने के बोर्ड के फैसले को भी अवैध बताया।
नोएल टाटा के अनुसार, टाटा संस ने ऐतिहासिक रूप से मुश्किल दौर में समूह की कंपनियों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह निश्चित नहीं है कि बाहरी शेयरधारक भी इसी तरह के निवेश का समर्थन करेंगे।
इसके अलावा, उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी कार्यों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार को प्रमुख क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में दी जाने वाली शिक्षा और उद्योग की जरूरतों के बीच के अंतर को पाटने की आवश्यकता है।
--आईएएनएस
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