देवास मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिलावटी शराब की पुष्टि नहीं, बोले डिप्टी सीएम
देवास, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने रविवार को उन दावों का खंडन किया कि राज्य के देवास जिले में हाल ही में हुई मौतें मिलावटी शराब के कारण हुई थीं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिलावटी शराब का कोई अंश नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि कुल 10 मौतों में से आठ प्राकृतिक थीं और शेष दो मौतों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिलावटी शराब का कोई अंश नहीं पाया गया।
यह स्पष्टीकरण पिछले एक महीने में देवास जिले के चंदना और बिजाना गांवों में हुई लगभग 10 संदिग्ध मौतों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच आया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है।
अरुण यादव ने कहा कि आज (रविवार) सुबह तक, मौतों की खबरों को झूठा बताकर खारिज किया जा रहा था। प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद जब हम कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो प्रशासन ने दावा किया कि ये 'प्राकृतिक मौतें' थीं। अब जांच दल का गठन होना ही इस बात का प्रमाण है कि देवास प्रशासन सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन को ध्यान से सुनना चाहिए, और केवल जांच दल गठित करना पर्याप्त नहीं होगा।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए, अवैध शराब व्यापार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
ग्रामीणों और मृतकों के परिवारों ने आरोप लगाया है कि मौतें नकली शराब के सेवन से जुड़ी हो सकती हैं, उन्होंने शराब पीने के बाद धुंधली दृष्टि, पूरी तरह से दृष्टिहीनता, बेचैनी और उल्टी जैसे लक्षणों का हवाला दिया।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री अरुण यादव ने शनिवार को प्रभावित गांवों का दौरा किया, परिवारों से मुलाकात की और मामले की गहन जांच की मांग की।
हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि मौतों का सटीक कारण विस्तृत पोस्टमार्टम और आंतरिक अंगों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा।
उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अभिषेक शर्मा ने चंदना गांव में नकली शराब से 15-20 मौतों के दावों को 'भ्रामक और निराधार' बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि जांच में अभी तक ऐसा कोई संबंध साबित नहीं हुआ है।
फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पी गई शराब जहरीली थी या नहीं, इसकी पुष्टि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही संभव हो पाएगी।
गांव वाले विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट जानकारी न फैलाने का आग्रह किया है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
--आईएएनएस
एमएस/
