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'बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी कांग्रेस को नहीं मिली जीत', हार्दिक पटेल का तंज

गांधीनगर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने बुधवार को चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर तंज कसा। उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे, फिर भी कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई।
 

गांधीनगर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने बुधवार को चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर तंज कसा। उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे, फिर भी कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई।

हार्दिक पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "4 बड़े राज्य, 28 एमएलसी सीटें और चुनाव बैलेट पेपर से हुए। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक। अब अंदाजा लगाइए कि इन 28 सीटों में कांग्रेस कितनी सीटें जीत पाई? कोई नारा नहीं, कोई बहाना नहीं, सिर्फ नतीजों को देखिए।"

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणाम घोषित किए जा रहे थे।

एमएलसी चुनावों में कांग्रेस का खाता नहीं खुल सका। भाजपा ने इसे विपक्ष के उन दावों पर सवाल उठाने का मौका बताया है, जिनमें ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की जाती रही है।

कर्नाटक में कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सभी चार विधान परिषद सीटों पर हार गई। भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की वह सीट भी शामिल है, जो पहले कांग्रेस के पास थी।

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चार सीटों पर जीत हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी दो सीटें जीतने में सफल रही। अन्य सीटों पर मतगणना जारी रही।

बिहार में भी कई स्थापित दलों को झटका लगा। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पहली बार विधान परिषद चुनाव में जीत दर्ज की। पार्टी उम्मीदवार सुरेश राय ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा को हराया।

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट भाजपा के पांच बार के एमएलसी नवल किशोर यादव से छीन ली। महाराष्ट्र की कुछ सीटों के परिणाम भी धीरे-धीरे सामने आ रहे थे।

हार्दिक पटेल की यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उनका राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है।

वर्ष 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल भाजपा के मुखर आलोचक के रूप में उभरे थे। इस आंदोलन ने उन्हें गुजरात की राजनीति में प्रमुख चेहरा बना दिया था। बाद में मार्च 2019 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और जुलाई 2020 में गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए।

हालांकि, पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद बढ़ने के बाद उन्होंने 18 मई 2022 को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 2 जून 2022 को वे भाजपा में शामिल हो गए।

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने उन्हें वीरमगाम सीट से उम्मीदवार बनाया था। हार्दिक पटेल ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमरसिंह ठाकोर को 51 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराकर विधानसभा पहुंचने में सफलता हासिल की।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी