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झीरम घाटी हमले के दिन एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था: टीएस सिंह देव

रायपुर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने बुधवार को दावा किया कि वर्ष 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले वाले दिन पार्टी नेताओं के कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्ग पर एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था।
 

रायपुर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने बुधवार को दावा किया कि वर्ष 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले वाले दिन पार्टी नेताओं के कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्ग पर एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था।

उनका यह बयान उस समय आया है जब छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने झीरम घाटी नरसंहार मामले में 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। 25 मई 2013 को कांग्रेस के काफिले पर हुए नक्सली हमले में 29 लोगों की मौत हुई थी।

अंबिकापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए टीएस सिंह देव ने कहा, "फांसी की सजा से बड़ी कोई सजा नहीं होती। कौन-कौन से नक्सली इस हमले में शामिल थे और कौन नहीं थे, यह अलग विषय है। यह जांच का मामला है।"

उस समय कांग्रेस के कार्यक्रम प्रभारी रहे टीएस सिंह देव ने घटना से पहले की परिस्थितियों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पांच-छह दिन के कार्यक्रम के लिए डीजीपी कार्यालय से लेकर आईजी स्तर तक सभी संबंधित अधिकारियों को लिखित जानकारी दी थी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा, "कार्यक्रम की जानकारी प्रशासन को दी गई थी और उसके अनुसार पहले दो दिनों तक पूरी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।"

सिंह देव के मुताबिक, "पहले दिन बीजापुर और दूसरे दिन जगदलपुर के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं थी। जरा सी भी चूक नहीं हुई थी।"

उन्होंने दावा किया कि तीसरे दिन स्थिति पूरी तरह बदल गई। जब मैं निर्धारित समय से करीब आधा घंटा पहले निकला, क्योंकि नंद कुमार पटेल का कार्यक्रम था और अध्यक्ष होने के नाते मुझे सुकमा पहुंचना था, तब मैंने देखा कि सड़क पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं था, न कोई सुरक्षा बल तैनात था और न ही रास्ते में कोई रोक-टोक थी।

सिंह देव ने कहा कि सुकमा तक की यात्रा पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण रही। उन्होंने बताया, "सुकमा पहुंचने से पहले पुलिस कैंप के पास कुछ लोग दिखाई दिए, लेकिन वकावनघाटी में एक भी अधिकारी तैनात नहीं था।"

उन्होंने आगे कहा कि सुकमा में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने अगली सभा की तैयारियों के लिए वहां से निकलने की अनुमति ली। इसके बावजूद रास्ते में कहीं भी सुरक्षा बल दिखाई नहीं दिए।

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा, "यह कैसे हुआ? वही व्यवस्था, जिसने पहले दो दिनों तक हमें पूरी सुरक्षा दी और सुरक्षा का अहसास कराया, तीसरे दिन अचानक क्यों नदारद हो गई? और फिर यह दुखद घटना घट गई।"

सिंह देव ने कहा कि इस पूरे मामले के कई पहलुओं की जांच होना अभी भी आवश्यक है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी