Aapka Rajasthan

'महावितरण' का निजीकरण नहीं होगा, भिवंडी फ्रेंचाइजी ने नुकसान कम किया: सीएम फडणवीस

मुंबई, 30 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की राज्य-संचालित बिजली वितरण कंपनी 'महावितरण' के निजीकरण की कोई योजना नहीं है।
 

मुंबई, 30 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की राज्य-संचालित बिजली वितरण कंपनी 'महावितरण' के निजीकरण की कोई योजना नहीं है।

प्रश्नकाल के दौरान सदस्य रईस शेख के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने 'डिस्ट्रीब्यूशन फ्रैंचाइजी' मॉडल का जोरदार बचाव किया और खास तौर पर टोरेंट पावर लिमिटेड द्वारा संभाले जा रहे भिवंडी सर्कल का उदाहरण दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फ्रैंचाइजी मॉडल ने उन इलाकों में कामकाज को बेहतर बनाया है, जहां बिजली वितरण में बहुत ज्यादा कमियां थीं, और ऐसा करते हुए भी पब्लिक यूटिलिटी (सरकारी सेवा) का मालिकाना हक सरकार के पास ही बना रहा।

राज्य के वितरण नेटवर्क में प्राइवेट फ्रैंचाइजी के कामकाज के नतीजों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भिवंडी पावर मॉडल का विस्तार से तुलनात्मक ब्यौरा दिया।

उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन फ्रैंचाइजी के तौर पर टोरेंट पावर के आने से तकनीकी और कमर्शियल नुकसान में भारी कमी आई।

फ्रैंचाइजी एग्रीमेंट से पहले, इस इलाके में बिजली वितरण में भारी नुकसान (लीकेज), बिजली चोरी और बहुत खराब बिलिंग सिस्टम जैसी समस्याएं थीं।

मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, एग्रीमेंट के तहत किए गए बदलावों से कुल तकनीकी और कमर्शियल (एटीएंडसी) नुकसान को कम करने में सफलता मिली, साथ ही बिलिंग और रेवेन्यू कलेक्शन की क्षमता में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।

नुकसान 41 प्रतिशत से घटकर लगभग 10 प्रतिशत रह गया है, जबकि बिजली बिल की वसूली 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

राज्य के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलावों को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने सदन को भरोसा दिलाया कि राज्य की सरकारी कंपनी, महावितरण (महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड), का निजीकरण नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "कामकाज के नेटवर्क को बेहतर बनाने और रेवेन्यू के नुकसान को रोकने के लिए लोकल डिस्ट्रीब्यूशन फ्रैंचाइजी लाने का मतलब सरकारी संपत्ति बेचना नहीं है। महावितरण एक मजबूत, राज्य द्वारा संचालित कंपनी बनी रहेगी।"

उन्होंने बताया कि फ्रैंचाइजी एग्रीमेंट के तहत पब्लिक-प्राइवेट सहयोग का मकसद खास तौर पर ज्यादा नुकसान वाले इलाकों में निवासियों और औद्योगिक इकाइयों को 24 घंटे भरोसेमंद बिजली सप्लाई देना है, साथ ही सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान से बचाना भी है।

शेख ने दावा किया कि 2006-2026 के बीच भिवंडी फ्रैंचाइजी मॉडल न सिर्फ सफल रहा है, बल्कि एक रोल मॉडल के तौर पर भी उभरा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से आग्रह किया कि वे भिवंडी में कामकाज की क्षमता बढ़ाने और नुकसान कम करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने पर विचार करें।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमों और प्रक्रियाओं के कारण ऐसा करना संभव नहीं होगा।

शेख ने मोबाइल सेवा की तरह बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी प्रीपेड सिस्टम लागू करने की पुरजोर वकालत की।

इस सिस्टम में उपभोक्ता नंबर वही रहता है और उपभोक्ता किसी भी सर्विस प्रोवाइडर से प्रीपेड सेवा ले सकता है।

उन्होंने यह भी मांग की कि उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले ब्याज को माफ किया जाए, खासकर फ्रेंचाइजी मॉडल लागू होने से पहले के समय का।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी