सहारनपुर जाने वाले कांग्रेस और सपा प्रतिनिधिमंडलों पर डिप्टी सीएम बोले- इसका मतलब नहीं, यह तुष्टिकरण की राजनीति
लखनऊ, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को प्रशासन की ओर से गिराए जाने के बाद सोमवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडलों के सहारनपुर दौरे पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उनकी इन हरकतों का कोई मतलब नहीं है और उन पर 'तुष्टिकरण की राजनीति' करने का आरोप लगाया।
पत्रकारों से बात करते हुए पाठक ने कहा, "इसका कोई मतलब नहीं है। वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी और राज्य आगे बढ़ता रहेगा।"
हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि कोर्ट में भी मामले को ठीक से नहीं संभाला गया और लोगों को पर्याप्त समय नहीं दिया गया। आईएएनएस से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "सहारनपुर में एक बहुत पुरानी मस्जिद गिरा दी गई। इस बारे में अधिकारी ने कहा कि कि ऐसा कुछ नहीं होगा। कोर्ट में भी मामले को ठीक से नहीं संभाला गया और निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए लोगों को पर्याप्त समय नहीं दिया गया।"
अवधेश प्रसाद ने आगे कहा, "यह कार्रवाई जल्दबाजी में की गई, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव नजदीक हैं और उन्हें पता है कि महंगाई, किसानों के मुद्दों, छात्रों की चिंताओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति का असर पड़ेगा।"
बता दें कि प्रशासन ने शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी एक अवैध मस्जिद को गिरा दिया था। बुलडोजर से मस्जिद गिराने की कार्रवाई शुरू करने से पहले मौके पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और सिटी मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया था।
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को शनिवार सुबह सहारनपुर जाना था लेकिन निकलने से पहले ही उन्हें नजरबंद कर दिया गया। उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
यह विवाद पिछले महीने का है, जब सिटी मजिस्ट्रेट ने कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को अवैध घोषित कर उसे गिराने का आदेश दिया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने जिला और सत्र न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने शुरू में सिटी मजिस्ट्रेट के गिराने के आदेश पर रोक लगा दी थी। हालांकि, शुक्रवार को जिला और सत्र न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद गिराने की कार्रवाई की।
इस कार्रवाई के बाद मस्जिद का गेट बंद कर दिया गया और सुरक्षा के तौर पर कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। परिसर के चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया और मस्जिद परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। कलेक्ट्रेट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और जिला मुख्यालय तक जाने वाली सड़कों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिरिक्त जिला बल (एजीएफ) और सिटी पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) और रैपिड रिएक्शन फोर्स (आरआरएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया था।
--आईएएनएस
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