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हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के लिए जींस और टी-शर्ट बैन, सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्ती

शिमला, 18 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कार्यालय के पहनावे और सोशल मीडिया पर व्यवहार संबंधी नए निर्देश जारी किए हैं, जिनमें जींस और टी-शर्ट पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार ने यह कदम कार्यस्थल पर मर्यादा और शालीनता बनाए रखने के क्रम में उठाया है।
 
हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के लिए जींस और टी-शर्ट बैन, सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्ती

शिमला, 18 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कार्यालय के पहनावे और सोशल मीडिया पर व्यवहार संबंधी नए निर्देश जारी किए हैं, जिनमें जींस और टी-शर्ट पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार ने यह कदम कार्यस्थल पर मर्यादा और शालीनता बनाए रखने के क्रम में उठाया है।

कर्मचारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी नीतियों पर टिप्पणी करने से भी रोका गया है।

दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को औपचारिक, साफ-सुथरे और शालीन रंग के कपड़े पहनने होंगे। कार्यालयों में और अदालत में पेशी के दौरान कैजुअल या पार्टी वियर पहनना सख्त वर्जित है।

सरकार ने ऐसे मामले देखे हैं जिनमें कर्मचारी अनौपचारिक कपड़े पहनकर सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करने या उत्पादों का प्रचार करने के लिए अपने निजी सोशल मीडिया खातों का उपयोग कर रहे थे।

पुरुष कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड में शर्ट, पैंट या ट्राउजर, और जूते या सैंडल अनिवार्य हैं।

महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, फॉर्मल सूट, सलवार सूट, चूड़ीदार कुर्ता के साथ दुपट्टा या शर्ट के साथ ट्राउजर पैंट पहनना अनिवार्य है, और इसके साथ चप्पल, सैंडल या जूते पहनने चाहिए।

सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारियों का पहनावा शालीनता, मर्यादा और व्यावसायिकता को दर्शाना चाहिए।

सरकार ने कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।

कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पर्सनल अकाउंट्स के माध्यम से सरकारी नीतियों या योजनाओं पर अपनी राय व्यक्त न करें और सार्वजनिक मंचों, ब्लॉगों या अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर राजनीतिक या धार्मिक बयान देने से बचें।

अधिसूचना में चेतावनी दी गई है कि ड्रेस कोड या सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार ने कहा कि ये निर्देश सार्वजनिक सेवा की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखने और एक पेशेवर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।

सरकार ने 3 अगस्त, 2017 के आधिकारिक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पिछले निर्देशों के बावजूद, कई कर्मचारी अभी भी इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।

सरकार ने कहा कि ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करना सरकार के रुख की पुष्टि करता है।

--आईएएनएस

एमएस/