मंगला एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे छात्रों की तबीयत स्थिर, स्वास्थ्य में कोई गिरावट नहीं: सेंट्रल रेलवे
भोपाल, 29 अगस्त (आईएएनएस)। सेंट्रल रेलवे ने शनिवार को बताया कि मंगला एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत करने वाले 80 छात्रों की स्थिति अब स्थिर है। रेलवे की ओर से कराए गए ताजा स्वास्थ्य परीक्षण में छात्रों की तबीयत में किसी प्रकार की गिरावट नहीं पाई गई है।
जानकारी के अनुसार, ये छात्र अपने 10 शिक्षकों के साथ स्कूल टूर पर केरल के त्रिशूर से दिल्ली जा रहे थे। सभी यात्री ट्रेन संख्या 12618 मंगला एक्सप्रेस के एस-2 और एस-3 कोच में सफर कर रहे थे। शुक्रवार को यात्रा के दौरान कुछ छात्रों ने पेट खराब होने, उल्टी और दस्त की शिकायत की थी।
सेंट्रल रेलवे के बयान के मुताबिक, खंडवा स्टेशन पर रेलवे के चिकित्सा कर्मियों ने 30 से 40 प्रभावित छात्रों का प्राथमिक उपचार किया। उन्हें आवश्यक दवाइयां और ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) उपलब्ध कराया गया। साथ आए शिक्षक ने यात्रा जारी रखने का फैसला किया, जिसके बाद छात्रों की निगरानी के लिए रेलवे के चिकित्सा कर्मी भी उनके साथ यात्रा करते रहे।
रेलवे ने बताया कि ट्रेन के भुसावल पहुंचने पर सभी छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें उनकी स्थिति सामान्य और स्थिर पाई गई। इसके बाद शनिवार सुबह दोबारा चिकित्सा जांच की गई, जिसमें भी किसी छात्र की हालत बिगड़ने के संकेत नहीं मिले।
सेंट्रल रेलवे ने कहा, "स्थिति पूरी तरह स्थिर है और छात्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।"
हालांकि रेलवे ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि छात्रों में ये लक्षण किस कारण से उत्पन्न हुए। लेकिन अधिकारियों के अनुसार किसी भी छात्र में गंभीर चिकित्सीय जटिलता नहीं पाई गई है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि चिकित्सा दल यात्रा के दौरान छात्रों की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। खंडवा में दी गई चिकित्सा सहायता के बाद से छात्रों की स्थिति में कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई है और सभी छात्र सुरक्षित हैं।
--आईएएनएस
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